प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ करने, निवेश को बढ़ावा देने और रणनीतिक सहयोग का नया खाका तैयार करने के उद्देश्य से शनिवार को फ्रांस और स्लोवाकिया के महत्वपूर्ण विदेशी दौरे पर रवाना हो गए। अपने इस बहुआयामी प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री कई शीर्ष स्तरीय द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकों में हिस्सा लेंगे। इस यात्रा का मुख्य एजेंडा दोनों यूरोपीय देशों के साथ आर्थिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहभागिता को एक नए स्तर पर ले जाना है।
अपनी रवानगी से पूर्व प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर यात्रा की रूपरेखा साझा की। उन्होंने अपने संदेश में उल्लेख किया कि आगामी दिनों में फ्रांस और स्लोवाकिया में उनके कई कार्यक्रम तय हैं, जिनमें द्विपक्षीय वार्ताओं के साथ-साथ बहुपक्षीय सम्मेलन और प्रवासी भारतीयों से संवाद भी शामिल है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनका प्राथमिक ध्यान दोनों देशों के साथ व्यापारिक और सांस्कृतिक तालमेल को सुदृढ़ करने पर केंद्रित रहेगा। उन्होंने बताया कि उनके दौरे की शुरुआत फ्रांस के नीस शहर से हो रही है, जहां वे विशेष रूप से ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। इस मंच पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की उपस्थिति दोनों देशों के प्रगाढ़ होते रिश्तों को दर्शाएगी, क्योंकि दोनों देश इस वर्ष को ‘भारत-फ्रांस इनोवेशन वर्ष’ के रूप में मना रहे हैं। यह आयोजन स्टार्टअप्स और तकनीकी क्षेत्र के दिग्गजों को एक साझा मंच प्रदान करेगा।
नीस प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच एक उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक भी निर्धारित है। इस संवाद में दोनों राष्ट्राध्यक्ष भारत-फ्रांस विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की व्यापक समीक्षा करेंगे। विदेश मंत्रालय द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, दोनों नेता संयुक्त रूप से ‘भारत इनोवेट्स’ मंच का शुभारंभ करेंगे। इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में भारत और फ्रांस सहित विभिन्न देशों के प्रमुख नवप्रवर्तक, स्टार्टअप्स और वेंचर कैपिटल फंड्स से जुड़े विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं। मंत्रालय का मानना है कि ‘भारत-फ्रांस इनोवेशन वर्ष’ के बैनर तले हो रहा यह प्रयास दोनों देशों के बीच तकनीकी और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग को अभूतपूर्व गति प्रदान करेगा।
फ्रांस के कार्यक्रमों के समापन के पश्चात प्रधानमंत्री मोदी 14 से 16 जून तक स्लोवाकिया की अपनी ऐतिहासिक राजकीय यात्रा पर रहेंगे। स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के विशेष आमंत्रण पर हो रही यह यात्रा अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि सन 1993 में स्लोवाकिया के एक स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री का यह पहला आधिकारिक दौरा है। वहां प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री मोदी अपने समकक्ष रॉबर्ट फिको के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की आधिकारिक चर्चा करेंगे और इसके साथ ही स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी से भी शिष्टाचार भेंट करेंगे। इस उच्च स्तरीय वार्ता में मुख्य रूप से व्यापारिक साझेदारी, निवेश, ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग तथा रेलवे बुनियादी ढांचे के विकास में आपसी सहयोग की संभावनाओं को खंगाला जाएगा।
विदेश मंत्रालय के वक्तव्य के अनुसार, यह दौरा स्लोवाकिया के साथ विभिन्न क्षेत्रों में भारत के द्विपक्षीय संबंधों को एक नई ऊंचाई देने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। स्लोवाकिया की यात्रा पूरी करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी 16 और 17 जून को दोबारा फ्रांस के एवियन शहर पहुंचेंगे, जहां वे प्रतिष्ठित जी7 शिखर सम्मेलन में शिरकत करेंगे। इस वैश्विक मंच पर वे जी7 के सदस्य देशों, आमंत्रित भागीदार राष्ट्रों और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों के साथ समकालीन वैश्विक मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श करेंगे।
अपने दौरे के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री 18 जून को पेरिस का रुख करेंगे। वहां वे न केवल कुछ और महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकों का हिस्सा बनेंगे, बल्कि यूरोप के सबसे बड़े प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप महाकुंभ ‘विवटेक’ शिखर सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे। पेरिस के इस व्यस्त कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी द्वारा वहां रह रहे भारतीय समुदाय के नागरिकों से मिलने और उन्हें संबोधित करने की भी संभावना व्यक्त की गई है।