फुटबॉल विश्व कप के ग्रुप-डी मुकाबले में शनिवार को मेजबान अमेरिका ने पराग्वे को 4-1 के बड़े अंतर से हराकर 96 साल पुरानी ऐतिहासिक उपलब्धि को एक बार फिर दोहरा दिया है। इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत अमेरिकी टीम ग्रुप में पहले पायदान पर पहुंच गई है, जबकि पराग्वे को चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा है। वहीं ग्रुप-बी के एक अन्य मैच में 64वीं रैंक वाली बोस्निया-हर्जेगोविना ने बड़ा उलटफेर करते हुए 30वीं रैंकिंग की कनाडाई टीम को 1-1 की बराबरी पर रोक दिया।
पराग्वे के खिलाफ अमेरिका की यह जीत कई मायनों में ऐतिहासिक रही। इससे पहले 1930 के विश्व कप संस्करण में अमेरिका ने पराग्वे को 3-0 से मात दी थी, जिसमें बर्ट पटेनाउड ने टूर्नामेंट के इतिहास की पहली हैट्रिक लगाने का गौरव प्राप्त किया था। शनिवार को मिली इस जीत के साथ ही अमेरिका ने न केवल उस पुराने इतिहास को दोहराया, बल्कि वर्ल्ड कप के किसी एक मैच में पहली बार चार गोल करने का नया रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।
अपनी सरजमीं पर 32 साल बाद फीफा वर्ल्ड कप की मेजबानी कर रही अमेरिकी टीम ने इस मुकाबले में कुल चार गोल दागकर टूर्नामेंट की अन्य टीमों को अपनी ताकत का अहसास करा दिया है। घरेलू दर्शकों के सामने खेल रही अमेरिकी टीम ने शुरुआत से ही मैच पर अपना नियंत्रण बनाए रखा और पराग्वे को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।
टूर्नामेंट के एक अन्य अहम मुकाबले में सह-मेजबान कनाडा ने ग्रुप-बी में अपने सफर की शुरुआत ड्रॉ के साथ की। टोरंटो में शुक्रवार रात को खेले गए इस मैच में मजबूत मानी जा रही कनाडा की टीम 77 मिनट तक 0-1 से पिछड़ रही थी। बोस्निया-हर्जेगोविना की रक्षापंक्ति ने कनाडाई फॉरवर्ड लाइन को लंबे समय तक बांधकर रखा और मैच में बढ़त बनाए रखी।
कनाडा को संकट से उबारने का काम साइल लारिन ने किया, जो 76वें मिनट में विकल्प के तौर पर खेल के मैदान में आए थे। लारिन ने मैदान पर उतरते ही 78वें मिनट में बेहतरीन गोल करके कनाडा को घरेलू मैदान पर वर्ल्ड कप इतिहास का पहला अंक दिला दिया। विश्व कप के इतिहास में कनाडा की टीम का यह मात्र दूसरा गोल है, क्योंकि इससे पहले 1986 के टूर्नामेंट में उसे अपने तीनों मैचों में हार मिली थी और 2022 में भी वह ग्रुप चरण से आगे बढ़ने में नाकाम रही थी। आगामी 18 जून को कनाडा का मुकाबला कतर से होगा, वहीं बोस्निया-हर्जेगोविना की टीम स्विट्जरलैंड का सामना करेगी।