अपनी बहुदेशीय यात्रा के पहले पड़ाव के अंतर्गत फ्रांस के नीस पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब स्लोवाकिया के लिए प्रस्थान कर चुके हैं। गौरतलब है कि सन 1993 में एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में स्लोवाकिया के अस्तित्व में आने के बाद से यह किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला स्लोवाकिया दौरा है। अपनी इस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान पीएम मोदी वहां के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ साझा हितों और द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने पर बातचीत करेंगे, साथ ही राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी के साथ भी उनकी बैठक निर्धारित है।
स्लोवाकिया रवाना होने से पहले, रविवार को प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने नीस शहर के विला केर्लियोस का भ्रमण किया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता संपन्न हुई। इस वार्ता के दौरान व्यापार-निवेश, सुरक्षा, इनोवेशन, सस्टेनेबिलिटी और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे द्विपक्षीय मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में दोनों पक्षों ने वर्तमान वैश्विक और क्षेत्रीय परिस्थितियों पर भी विमर्श किया।
इस मुलाकात के बाद फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोशल मीडिया के माध्यम से भारतीय प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि उनके मित्र नरेंद्र मोदी का स्वागत करना बेहद खुशी की बात है। उन्होंने उल्लेख किया कि नीस से पेरिस और जी-7 एवियन से लेकर वीवाटेक तक का यह सातवां दौरा दोनों देशों के प्रगाढ़ संबंधों को प्रमाणित करता है। राष्ट्रपति मैक्रों के अनुसार, यह यात्रा प्रतिभाओं और निवेश के समन्वय से दोनों देशों के नागरिकों के लिए एक नया अध्याय लिखेगी।
वैश्विक स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव के माहौल में भारत और फ्रांस के शीर्ष नेतृत्व की यह मुलाकात रणनीतिक रूप से काफी अहम है। इस पृष्ठभूमि में भी दोनों प्रधानों ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता पर चर्चा की। इस संबंध में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर बताया कि दोनों राजनेताओं ने भारत-फ्रांस विशेष रणनीतिक साझेदारी की प्रगति का आकलन किया, जो दोनों देशों के मैत्रीपूर्ण संबंधों को एक पायदान और ऊपर ले जाने का प्रयास है।
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि इस शिखर वार्ता के दौरान दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। इनमें विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), विज्ञान एवं अंतरिक्ष, स्टार्टअप, वित्तीय प्रौद्योगिकी (फिनटेक), इंफ्रास्ट्रक्चर, व्यापार, स्वास्थ्य और मोबिलिटी जैसे क्षेत्र शामिल हैं, जिनमें दोनों देशों ने ठोस परिणाम हासिल करने पर सहमति जताई है।
यह पूरी यात्रा प्रधानमंत्री मोदी के छह दिनों के विदेश दौरे का हिस्सा है, जिसके तहत वे सर्वप्रथम फ्रांस के नीस शहर पहुंचे थे। स्लोवाकिया में अपने निर्धारित कार्यक्रमों को पूरा करने के बाद वे वापस फ्रांस के पेरिस लौटेंगे। इसके बाद, आगामी 16 और 17 जून को पीएम मोदी फ्रांस के एवियन शहर में होने वाले जी-7 समिट में हिस्सा लेंगे, जहां वैश्विक मंच पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनकी अलग से द्विपक्षीय वार्ता होने की प्रबल संभावना है।