मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को उज्जैन जिले के महिदपुर में एक भव्य समारोह के दौरान ₹207 करोड़ 57 लाख की लागत वाली 19 विकास परियोजनाओं का डिजिटल माध्यम से लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि उज्जैन और उसके आसपास का पूरा इलाका क्षिप्रा नदी के आशीर्वाद से समृद्ध है। उन्होंने बताया कि आगामी सिंहस्थ-2028 को भव्य स्वरूप देने के लिए क्षेत्र में हजारों करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचे का विकास कार्य तेजी से चल रहा है।
इस विकास पैकेज में सबसे महत्वपूर्ण परियोजना करीब ₹188 करोड़ 42 लाख की लागत से निर्मित सामाकोटा बैराज है। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के लिए 13 नए उप-स्वास्थ्य केंद्रों, कॉलेजों व स्कूलों के नए भवनों तथा एक आधुनिक विद्युत उपकेंद्र का भी उद्घाटन किया। डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि सामाकोटा बैराज से जिले में जल संरक्षण को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा, जिससे न केवल भू-जल स्तर सुधरेगा बल्कि अन्नदाता किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने इस परियोजना को सिंहस्थ और उज्जैन के भविष्य के लिए एक सुरक्षा कवच करार दिया।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने महिदपुर के भौगोलिक और ऐतिहासिक महत्व की चर्चा की। उन्होंने कहा कि समय की गणना (काल गणना) के क्षेत्र में यहां के डोंगला का विशेष स्थान है। राजा जयसिंह द्वारा 300 वर्ष पूर्व देश के पांच प्रमुख शहरों में बनवाई गई जंतर-मंतर वेधशालाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने सम्राट विक्रमादित्य और आर्यभट्ट की वैज्ञानिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए डोंगला में आधुनिक ऑब्जर्वेटरी स्थापित की है। सरकार अब यह प्रयास कर रही है कि वैश्विक स्तर पर डोंगला के समय को ‘स्टैंडर्ड टाइम’ के रूप में मान्यता मिले। इसके साथ ही डोंगला से गुजरने वाला नया फोरलेन मार्ग महिदपुर में परिवहन और व्यापार की नई राहें खोलेगा।
डॉ. यादव ने केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का ब्यौरा भी साझा किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि देश में गरीबों को मुफ्त आवास, रसोई गैस और ₹5 लाख तक के मुफ्त इलाज जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। उन्होंने जानकारी दी कि राज्य सरकार ने नवाचार करते हुए एयर एंबुलेंस सेवा शुरू की है और ‘राहवीर योजना’ के तहत सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करने वालों को ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। किसानों और महिलाओं के कल्याण की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लाड़ली बहनों को अब तक ₹60,000 करोड़ की राशि भेजी जा चुकी है।
कृषि क्षेत्र में हुए विकास का खाका खींचते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2002-03 में प्रदेश का सिंचित रकबा महज 7.5 लाख हेक्टेयर था, जो वर्ष 2023 तक बढ़कर 44 लाख हेक्टेयर पहुंचा। पिछले ढाई वर्षों में सरकार ने इसे बढ़ाकर 65 लाख हेक्टेयर कर दिया है और अगले ढाई सालों में इसे 100 लाख हेक्टेयर करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया गया है। किसानों को एमएसपी की गारंटी के तहत ₹2652 प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीद की गई है और सोयाबीन पर भावांतर योजना का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने घोषणा की कि किसानों को अब सिंचाई के लिए दिन के समय भी बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने महिदपुर के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर के वंशजों और महारानी गंगाबाई के योगदान का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी यहां सिंहस्थ का आयोजन हुआ था और यह भूमि 1857 की क्रांति के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के शौर्य की साक्षी रही है। इस कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद अनिल फिरोजिया, स्थानीय विधायक दिनेश जैन (बोस) और पूर्व विधायक बहादुर सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।