मध्य पूर्व संकट के बीच देश में ईंधन की सप्लाई सामान्य, तीन दिनों में रिकॉर्ड 1.47 करोड़ रसोई गैस सिलेंडरों की डिलीवरी

मध्य पूर्व संकट के बीच देश में ईंधन की सप्लाई सामान्य, तीन दिनों में रिकॉर्ड 1.47 करोड़ रसोई गैस सिलेंडरों की डिलीवरी

केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने गुरुवार को जानकारी दी कि वैश्विक तनाव के बावजूद देश भर में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और पिछले तीन दिनों के भीतर उपभोक्ताओं तक 1.47 करोड़ एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति की जा चुकी है। इस समय अवधि के दौरान कुल 1.36 करोड़ नए सिलेंडरों की बुकिंग दर्ज की गई। यह स्थिति ऐसे समय में है जब मध्य पूर्व में जारी राजनीतिक और रणनीतिक टकराव के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है।

मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, देश के किसी भी हिस्से से या किसी भी डिस्ट्रीब्यूटर के पास एलपीजी की कमी होने की कोई शिकायत सामने नहीं आई है। गैस एजेंसियों के स्तर पर सिलेंडरों के अवैध इस्तेमाल और कालाबाजारी को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं। इसके तहत अब लगभग 99 फीसदी एलपीजी सिलेंडरों की बुकिंग ऑनलाइन माध्यम से की जा रही है, जबकि डिलीवरी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तकरीबन 96 प्रतिशत मामलों में ‘डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड’ (DAC) का इस्तेमाल अनिवार्य रूप से किया जा रहा है।

घरेलू गैस के मोर्चे पर बुनियादी ढांचे में भी उल्लेखनीय विस्तार देखा गया है। चालू वर्ष के मार्च महीने से अब तक देश में लगभग 10.02 लाख नए पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन दिए गए हैं। इसके अलावा 3.22 लाख अन्य कनेक्शनों के लिए जरूरी ढांचा पूरी तरह तैयार कर लिया गया है, जिसके बाद कुल कनेक्शनों का आंकड़ा 13.24 लाख तक पहुंच गया है। केंद्र सरकार अब सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से लगातार यह संपर्क साध रही है कि वे उन क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को पीएनजी अपनाने के लिए प्रेरित करें जहां नेटवर्क पहले से मौजूद है। वर्तमान में लगभग 9.44 लाख नए ग्राहकों ने पीएनजी कनेक्शन के लिए अपना पंजीकरण करवाया है।

मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि एलपीजी के साथ-साथ देश के तमाम खुदरा बिक्री केंद्रों (पेट्रोल पंपों) पर पेट्रोल और डीजल का भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। इसके समानांतर, पेट्रोलियम उत्पादों की अवैध जमाखोरी और अनुचित व्यापार को रोकने के लिए सरकारी तेल कंपनियों (PSUs) द्वारा लगातार औचक छापेमारी की जा रही है। पिछले तीन दिनों में नियमों की अनदेखी करने के आरोप में आठ एलपीजी वितरकों के खिलाफ आर्थिक जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा, कुल 14 पेट्रोल पंपों पर जुर्माना लगाया गया है और ‘मार्केट डिसिप्लिन गाइडलाइंस’ के उल्लंघन के दोषी पाए जाने पर 598 पेट्रोल पंपों के संचालन को निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है।

सरकार ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और ईंधन की घबराहट (पैनिक बाइंग) में आकर अनावश्यक खरीदारी से बचें। किसी भी प्रामाणिक जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही विश्वास करें। एलपीजी उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे एजेंसियों के चक्कर काटने के बजाय डिजिटल बुकिंग प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें। मंत्रालय ने अपने बयान में आश्वस्त किया है कि देश की सभी रिफाइनरियां कच्चे तेल के भरपूर स्टॉक के साथ अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। स्थानीय स्तर पर एलपीजी का उत्पादन भी बढ़ा दिया गया है ताकि घरेलू मांग को सुचारू रूप से पूरा किया जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *