चीन में भारत के राजदूत विक्रम दोरईस्वामी ने शुक्रवार को एक वीडियो संदेश जारी कर कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत किया और उन्हें यात्रा से संबंधित कुछ बेहद जरूरी सुझाव दिए। विदेश मंत्रालय और चीनी प्रशासन के संयुक्त सहयोग से आयोजित यह आधिकारिक यात्रा 20 जून को भारत से प्रस्थान करेगी। बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि सरकारी अथवा निजी दोनों ही माध्यमों से पवित्र कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील की यात्रा पर जाने वाले सभी भक्तों का दूतावास दल दिल से स्वागत करता है।
इस महत्वपूर्ण यात्रा की जमीनी तैयारियों का जायजा लेने के लिए खुद राजदूत दोरईस्वामी के नेतृत्व में राजनयिकों की एक टीम ने हाल ही में सिक्किम और उत्तराखंड से होकर तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र (चीन) जाने वाले मुख्य मार्गों का दौरा किया था। इस दौरान नाथू ला और लिपुलेख दर्रों पर सुरक्षा, बुनियादी ढांचे और अन्य व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की गई। दूतावास द्वारा साझा किए गए वीडियो के साथ यह भी जानकारी दी गई है कि तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए जल्द ही और तस्वीरें तथा आवश्यक यात्रा नियमावली जारी की जाएगी, जिससे सभी की यात्रा सुरक्षित, सफल और आध्यात्मिक रूप से फलदायी हो सके।
वीडियो संदेश के माध्यम से राजदूत ने बताया कि जैसे ही श्रद्धालु नाथू ला दर्रे की सीमा पर पहुंचेंगे, चीनी कस्टम और इमिग्रेशन अधिकारियों द्वारा उनका स्वागत किया जाएगा। इसके बाद सभी यात्रियों को बसों के जरिए याडोंग काउंटी ले जाने की व्यवस्था की गई है। इस संदेश में उन्होंने यात्रा की समय-सारणी, खान-पान के प्रबंध और विदेशी मुद्रा विनिमय (करेंसी एक्सचेंज) जैसे जरूरी व्यावहारिक पहलुओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने आश्वस्त किया कि मार्ग की भौगोलिक स्थिति को समझने के लिए आने वाले दिनों में कुछ और सूचनात्मक वीडियो भी जारी किए जाएंगे।
राजनयिक स्तर पर तैयारियों को पुख्ता करने के लिए राजदूत दोरईस्वामी ने पिछले सप्ताह तिब्बत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक राजधानी ल्हासा का दौरा किया था। वहाँ उन्होंने स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर भारतीय नागरिकों के लिए की गई व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया। ल्हासा हवाई अड्डे पर तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के विदेश मामलों के कार्यालय के उप महानिदेशक यांग लाहोंग ने भारतीय दल की अगवानी की। इसके बाद राजदूत ने तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के उपाध्यक्ष झाओ पेंग से मुलाकात की, जिन्होंने भारतीय श्रद्धालुओं के ठहरने और सुरक्षा से जुड़ी तैयारियों का पूरा ब्यौरा साझा किया। उल्लेखनीय है कि इससे पहले 13 जून को नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू भवन से विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने इस यात्रा के पहले आधिकारिक जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।