डिजिटल गवर्नेंस और लोक प्रशासन में सहयोग बढ़ाने पर भारत-दक्षिण कोरिया के बीच बनी सहमति

डिजिटल गवर्नेंस और लोक प्रशासन में सहयोग बढ़ाने पर भारत-दक्षिण कोरिया के बीच बनी सहमति

शनिवार को नई दिल्ली में भारत के केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह और दक्षिण कोरिया के गृह एवं सुरक्षा मंत्री युन होजुंग के बीच एक उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक संपन्न हुई। इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच डिजिटल शासन, ई-गवर्नेंस, क्षमता निर्माण, लोक प्रशासन और नागरिक-केंद्रित सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाना था। अधिकारिक दौरे पर भारत आए दक्षिण कोरियाई मंत्री और उनके प्रतिनिधिमंडल ने इस संवाद में हिस्सा लिया।

दोनों देशों के बीच हुई यह रणनीतिक चर्चा एक घंटे से भी अधिक समय तक चली, जिसमें दोनों पक्षों के प्रतिनिधिमंडलों ने विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श किया। दक्षिण कोरियाई दल का स्वागत करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने रेखांकित किया कि दोनों राष्ट्र लोकतांत्रिक सिद्धांतों, सुशासन और नवाचार के प्रति एक जैसी प्रतिबद्धता रखते हैं, जो हमारी विशेष रणनीतिक साझेदारी का मुख्य आधार है।

इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने चालू वर्ष के अप्रैल माह में दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युंग की भारत यात्रा को याद किया। उन्होंने बताया कि उस समय राष्ट्रपति ली और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई बैठक में एक संयुक्त रणनीतिक दृष्टिकोण वक्तव्य को अंतिम रूप दिया गया था। यह वक्तव्य दोनों देशों के आगामी द्विपक्षीय संबंधों के लिए एक महत्वाकांक्षी रोडमैप की तरह है, जिससे आपसी सहयोग के कई नए मार्ग प्रशस्त हुए हैं।

भारतीय प्रशासनिक सुधारों का जिक्र करते हुए डॉ. सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में डिजिटल शासन और सार्वजनिक सेवा वितरण में आई अभूतपूर्व प्रगति को साझा किया। उन्होंने विशेष रूप से ‘सीपीग्राम्स’ (CPGRAMS) और डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जैसे तकनीकी नवाचारों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन प्रणालियों ने देश में पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक-केंद्रित शासन को स्थापित करने में बड़ी भूमिका निभाई है।

वार्ता में दोनों देशों के गहरे सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों पर भी प्रकाश डाला गया। डॉ. सिंह ने कहा कि दोनों देश एशिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं हैं, जो कानून के शासन का सम्मान करती हैं। उन्होंने अयोध्या की राजकुमारी सुरिरत्ना और कोरियाई राजा किम सूरो के ऐतिहासिक वैवाहिक संबंधों का स्मरण कराते हुए कहा कि यह सांस्कृतिक जुड़ाव आज भी दोनों देशों के संबंधों में विशेष स्थान रखता है। इसके साथ ही, राष्ट्रपति ली की हालिया यात्रा से व्यापार, निवेश, फिनटेक, बंदरगाह, विज्ञान-प्रौद्योगिकी और संस्कृति जैसे क्षेत्रों को नई ऊर्जा मिली है।

बैठक के दौरान प्रशासनिक सुधारों को गति देने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम की जानकारी भी दी गई। डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों देशों के संबंधित मंत्रालय लोक प्रशासन और सरकारी नवाचार के क्षेत्र में सहयोग को संस्थागत रूप देने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर सक्रियता से काम कर रहे हैं। यह समझौता दोनों देशों के बीच सर्वोत्तम प्रशासनिक तौर-तरीकों के आदान-प्रदान को और मजबूत करेगा।

इस द्विपक्षीय वार्ता में डिजिटल सेवाओं के कायाकल्प और सरकारी कामकाज में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के अनुप्रयोगों पर विशेष मंथन हुआ। इसके साथ ही सिविल सेवकों के क्षमता निर्माण और जन शिकायतों के निवारण पर भी चर्चा की गई, जिसके जवाब में कोरियाई दल ने स्मार्ट गवर्नेंस और आपदा प्रबंधन में अपने अनुभव साझा किए। चूंकि यह बैठक अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित हुई थी, इसलिए डॉ. सिंह ने दक्षिण कोरिया में योग की बढ़ती स्वीकार्यता की सराहना करते हुए विदेशी प्रतिनिधिमंडल को योग दिवस के आयोजनों में शामिल होने का न्योता भी दिया।

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