मध्यप्रदेश के दमोह जिले के हटा थाना क्षेत्र में 19 जून को पुलिस की आपातकालीन सेवा डायल-112 की टीम ने त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई करते हुए एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया। पुलिस जवानों ने तकनीकी समन्वय की मदद से एक साल पांच महीने के मासूम बच्चे को सुरक्षित ढूंढ निकाला और उसे उसकी मां के सुपुर्द कर दिया। समय पर उठाए गए इस कदम से बच्चे की जान को खतरा होने से बचा लिया गया।
घटनाक्रम के अनुसार, भोपाल स्थित राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 को 19 जून को एक गंभीर सूचना मिली थी। शिकायत में बताया गया कि हटा थाना इलाके में एक व्यक्ति अपने डेढ़ साल से भी कम उम्र के बेटे को घर से उठाकर ले गया है। वह व्यक्ति अत्यधिक शराब के नशे में था और फोन पर लगातार अपने परिवार वालों को डराने-धमकाने के साथ-साथ गुमराह करने के लिए अपनी गलत लोकेशन बता रहा था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत हटा क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को सक्रिय कर मौके की तरफ रवाना किया गया।
सूचना मिलते ही घटना की पूरी जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और पीसीआर को भी साझा की गई। मौके पर पहुंचे डायल-112 के स्टाफ, जिसमें आरक्षक संजय आठिया और पायलट हरेंद्र अहिरवार शामिल थे, ने फौरन जमीनी स्तर पर जानकारी जुटाई और बच्चे व उसके पिता की खोजबीन शुरू कर दी। चूंकि आरोपी पिता बार-बार अपनी गलत लोकेशन देकर पुलिस को भटका रहा था, इसलिए पुलिस कंट्रोल रूम के स्टाफ प्रधान आरक्षक नागेन्द्र तिवारी और आरक्षक जुनैद मिर्जा ने मोर्चा संभाला। उन्होंने साइबर सेल के प्रधान आरक्षक सौरभ टंडन की मदद ली और तकनीकी माध्यमों से आरोपी की सही लोकेशन को ट्रैक किया।
साइबर सेल से सटीक लोकेशन मिलते ही डायल-112 की टीम ने बिना वक्त गंवाए छापेमारी की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित व्यक्ति को ढूंढ निकाला और मासूम बच्चे को पूरी तरह सुरक्षित अपने संरक्षण में ले लिया। इसके तुरंत बाद बच्चे को लाकर उसकी घबराई हुई मां को सौंप दिया गया।
इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में डायल-112 के जवानों, कंट्रोल रूम के कर्मचारियों और साइबर सेल के बीच बेहतरीन तालमेल देखने को मिला। ‘डायल-112 हीरोज’ श्रृंखला के तहत सामने आई यह घटना प्रमाणित करती है कि संकट के समय में मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आधुनिक तकनीक और मानवीय दृष्टिकोण के समागम से नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तत्पर और संवेदनशील है।