नई दिल्ली में सोमवार को आयोजित 16वीं ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) बैठक के दौरान भारत के एनएसए अजित डोभाल ने ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (एसएनएससी) के रक्षा मामलों के उप सचिव गदीर नेजामी के साथ एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता की। इस बैठक में दोनों अधिकारियों ने मुख्य रूप से पश्चिम एशिया के मौजूदा घटनाक्रमों और भारत-ईरान के आपसी संबंधों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया।
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस राजनयिक मुलाकात की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि एनएसए अजित डोभाल और ईरानी उप सचिव गदीर नेजामी के बीच हुई इस बैठक में पश्चिम एशिया के ताजा हालातों की व्यापक समीक्षा की गई। इसके साथ ही दोनों नेताओं ने ब्रिक्स मंच के अंतर्गत आपसी सहयोग को बढ़ावा देने और दोनों देशों के द्विपक्षीय हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की।
भारत की मेजबानी में राजधानी नई दिल्ली में दो दिवसीय ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों का सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इस उच्च स्तरीय बैठक में ब्रिक्स समूह के सदस्य देशों के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी और प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्तर पर तेजी से बदलती सुरक्षा चुनौतियों का आकलन करना और रणनीतिक मोर्चों पर आपसी तालमेल को और अधिक सुदृढ़ बनाना है।
इस बहुपक्षीय सम्मेलन के इतर एनएसए डोभाल ने इथियोपिया के प्रतिनिधिमंडल के साथ भी एक अलग बैठक की। उन्होंने इथियोपिया की नेशनल इंटेलिजेंस एंड सिक्योरिटी सर्विस के एनालिसिस विभाग के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मिलियन लेमा टैडेसे से मुलाकात की। इस दौरान भारत और इथियोपिया के बीच रणनीतिक साझेदारी को नया विस्तार देने और सहयोग के संभावित क्षेत्रों को मजबूत करने पर सहमति बनी।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस दो दिवसीय सम्मेलन में ब्रिक्स देशों के सुरक्षा प्रमुख और प्रतिनिधिमंडल के नेता वर्तमान समय में वैश्विक समुदाय के सामने खड़ी ‘गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों’ पर मुख्य रूप से अपने विचार और रणनीतियां साझा करेंगे।
इसके अतिरिक्त, इस बैठक के एजेंडे में तेजी से उभरते राष्ट्रीय सुरक्षा खतरों और आधुनिक तकनीकों के कारण पैदा होने वाली नई सुरक्षा चुनौतियों की भूमिका पर भी गहन मंथन शामिल है। बैठक के दौरान हाल ही में संपन्न हुए ब्रिक्स आतंकवाद विरोधी संयुक्त कार्य समूह तथा सूचना एवं संचार तकनीक (आईसीटी) के सुरक्षित उपयोग से जुड़े संयुक्त कार्य समूह की बैठकों के निष्कर्षों और परिणामों की भी समीक्षा की जाएगी।