केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मानसून के आगामी मौसम को देखते हुए अधिकारियों को राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर सुरक्षा और तैयारियों को सुदृढ़ करने के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि खराब मौसम के चलते यातायात में आने वाली रुकावटों को दूर करने के लिए सभी जरूरी कदम समय रहते उठाए जाने चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने यह हिदायत तेलंगाना, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में चल रहे सड़क कार्यों की समीक्षा के दौरान दी, जहां बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता और प्रगति का मूल्यांकन किया जा रहा था।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अंतर्गत चल रही इन योजनाओं में तेलंगाना का 4,931 किलोमीटर, जम्मू-कश्मीर का 2,035 किलोमीटर और लद्दाख का 804 किलोमीटर लंबा राजमार्ग नेटवर्क शामिल है। मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इस व्यापक समीक्षा बैठक में सोशल मीडिया की प्रतिक्रियाओं, समाचारों और क्षेत्रीय अधिकारियों से मिले इनपुट को आधार बनाया गया। बैठक में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और NHIDCL के अधिकारियों सहित परियोजना से जुड़े ठेकेदारों ने भी हिस्सा लिया।
समीक्षा के दौरान केंद्रीय मंत्री गडकरी ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और जवाबदेही से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने काम की गति तेज करने के साथ-साथ आधुनिक निर्माण प्रौद्योगिकियों को अपनाने पर जोर दिया। मंत्री का मानना है कि नई तकनीकों के इस्तेमाल से सड़कों की उम्र बढ़ेगी और यात्रियों का सफर अधिक सुरक्षित व सुगम हो सकेगा।
आगामी वर्षा ऋतु की चुनौतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने जल निकासी (ड्रेनेज) व्यवस्था को दुरुस्त करने और संवेदनशील ढलानों को सुरक्षित बनाने के काम को प्राथमिकता देने को कहा। आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए उन्होंने एक त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली (रैपिड रिस्पॉन्स सिस्टम) को तैनात करने के निर्देश भी जारी किए, ताकि राजमार्गों पर आवाजाही प्रभावित न हो।
अंत में उन्होंने रेखांकित किया कि बेहतर और सुरक्षित सड़कें न केवल आर्थिक प्रगति की रफ्तार बढ़ाती हैं, बल्कि पर्यटन और क्षेत्रीय संपर्क को भी मजबूत करती हैं। इसलिए तय समय सीमा के भीतर उच्च स्तरीय इंजीनियरिंग समाधानों के साथ इन परियोजनाओं को पूरा करना मंत्रालय की मुख्य प्राथमिकता है।