बोस्टन के स्टेडियम में मंगलवार को खेले गए फीफा विश्व कप 2026 के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में पराग्वे ने बड़ा उलटफेर करते हुए चार बार की पूर्व चैंपियन जर्मनी को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। राउंड ऑफ 32 के इस नॉकआउट मैच में निर्धारित समय तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर थीं। इसके बाद पेनल्टी शूटआउट का सहारा लिया गया, जिसमें पराग्वे ने जर्मनी को 4-3 से पराजित कर अंतिम-16 (प्री-क्वार्टर फाइनल) में अपनी जगह सुरक्षित की।
वैश्विक फुटबॉल कप के इतिहास में यह पहला अवसर है जब जर्मन टीम को पेनल्टी शूटआउट में शिकस्त का सामना करना पड़ा है। इस ऐतिहासिक मुकाबले में जर्मनी ने अंतिम क्षणों तक कड़ा संघर्ष किया। टीम के दिग्गज और अनुभवी गोलकीपर मैनुअल नोयर ने कुछ बेहतरीन बचाव करके अपनी टीम की उम्मीदों को अंत तक बनाए रखा, मगर पराग्वे ने मैच के आखिरी निर्णायक मौके को गोल में बदलकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।
मैच के शुरुआती हाफ में पराग्वे ने आक्रामक खेल दिखाया, जिसका फायदा उन्हें 42वें मिनट में मिला जब जूलियो एन्सिसो ने शानदार गोल दागकर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। इसके बाद दूसरे हाफ में जर्मन टीम ने वापसी के लिए दबाव बनाया। फ्लोरियन विर्ट्ज़ के एक सटीक क्रॉस पर काई हैवर्ट्ज़ ने बेहतरीन हेडर के जरिए गेंद को नेट में डाल दिया और स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। खेल के दौरान जोनाथन टाह ने भी हेडर से एक और गोल किया था, लेकिन रेफरी ने उसे अमान्य घोषित कर दिया। निर्धारित समय की समाप्ति तक दोनों टीमें कोई और गोल नहीं कर सकीं।
विजेता का फैसला करने के लिए मैच पेनल्टी शूटआउट में गया, जहां शुरुआत जर्मनी ने की। हालांकि, जर्मनी की तरफ से पहली ही पेनल्टी लेने आए काई हैवर्ट्ज़ के शॉट को पराग्वे के गोलकीपर ने रोक दिया। इसके तुरंत बाद पराग्वे के मॉरिसियो ने बिना कोई गलती किए गोल दागकर अपनी टीम को आगे कर दिया। इसके बाद जोशुआ किमिख ने अपनी पेनल्टी को गोल में तब्दील कर जर्मनी का खाता खोला और मुकाबले में बराबरी कराई।
इसके बाद रोमांच और बढ़ गया जब गुस्तावो गोमेज़ ने गोल कर पराग्वे को 2-1 से आगे किया, तो जर्मनी के जमाल मुसियाला ने भी गोल दागकर स्कोर 2-2 कर दिया। इसके बाद मटियास गैलार्ज़ा ने पराग्वे के लिए गोल किया, जबकि जर्मनी के निक वोल्टेमेड का प्रयास विफल रहा, जिससे पराग्वे जीत के बेहद करीब पहुंच गया। हालांकि, एंटोनियो सनाब्रिया के मैच जिताऊ शॉट को रोककर जर्मनी ने खुद को रेस में बनाए रखा और नादिम अमीरी ने अगला गोल कर स्कोर 3-3 की बराबरी पर ला खड़ा किया।
सस्पेंस यहीं खत्म नहीं हुआ; इसके बाद पराग्वे के फेबियन बालबुएना की पेनल्टी को जर्मन गोलकीपर मैनुअल नोयर ने रोककर मैच का रोमांच चरम पर पहुंचा दिया। आखिरकार, पराग्वे को जीत का तीसरा मौका मिला और जोसे कनाले ने भारी दबाव के बीच सूझबूझ दिखाते हुए निर्णायक गोल दाग दिया। मुख्य कोच गुस्तावो अल्फारो के मार्गदर्शन में खेल रही पराग्वे की टीम ने इस जीत के साथ अगले दौर का टिकट कटाया, जबकि खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही जर्मनी का सफर राउंड ऑफ 32 में ही थम गया।