नई दिल्ली में भारत-मलेशिया सैन्य उप-समिति की बैठक संपन्न, हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को मजबूत करने पर साझा सहमति

नई दिल्ली में भारत-मलेशिया सैन्य उप-समिति की बैठक संपन्न, हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को मजबूत करने पर साझा सहमति

भारत और मलेशिया के बीच रक्षा संबंधों को नया विस्तार देने के लिए बुधवार को नई दिल्ली में भारत-मलेशिया उप-समिति (एससीएमसी) की 12वीं बैठक का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक की कमान भारतीय रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव अमिताभ प्रसाद और मलेशियाई सशस्त्र बलों के सहायक चीफ ऑफ स्टाफ (रक्षा संचालन एवं प्रशिक्षण) मेजर जनरल आमेर महमूद बिन अब्दुल रहमान ने संयुक्त रूप से संभाली। बैठक के दौरान दोनों देशों ने पारस्परिक सैन्य सहयोग की व्यापक समीक्षा की और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता के साथ-साथ बिना किसी बाधा के नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने के प्रति अपना साझा संकल्प व्यक्त किया।

दोनों पक्षों के बीच हुई इस उच्च स्तरीय वार्ता में सैन्य बलों के आपसी आदान-प्रदान, संयुक्त अभ्यासों के आयोजन, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, स्टाफ स्तर की चर्चाओं और क्षमता विकास पर विस्तार से बात की गई। इसके साथ ही समुद्री सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र के उभरते आयामों में प्रगति का आकलन भी किया गया। दोनों देशों ने निरंतर चलने वाली द्विपक्षीय गतिविधियों पर संतोष व्यक्त करते हुए सैन्य सहयोग के दायरे को और अधिक बढ़ाने तथा दोनों देशों के प्रतिष्ठित सैन्य प्रशिक्षण संस्थानों में पाठ्यक्रमों की भागीदारी को तेज करने पर सहमति जताई।

रक्षा सहयोग के अन्य पहलुओं को शामिल करते हुए दोनों प्रतिनिधिमंडलों ने रक्षा उद्योग, आधुनिक रक्षा तकनीक, साइबर सुरक्षा के साथ-साथ मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्तों को तलाशने पर विचार-विमर्श किया। दोनों देशों ने इस बात को रेखांकित किया कि मौजूदा समय में रक्षा क्षेत्र में नई और दीर्घकालिक साझेदारियों को विकसित करना बेहद जरूरी है।

आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को लेकर भी बैठक में महत्वपूर्ण चर्चा हुई। भारत और मलेशिया ने आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस (एडीएमएम-प्लस) के मंच पर एक-दूसरे के सक्रिय योगदान की सराहना की। दोनों पक्षों ने आतंकवाद-रोधी विशेषज्ञ कार्य समूह के ढांचे के भीतर व्यावहारिक सहयोग को और प्रगाढ़ करने की इच्छा जताई। इस दौरान क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर भी दोनों देशों के अधिकारियों ने अपने दृष्टिकोण साझा किए।

इस बैठक में रक्षा सहयोग को भारत-मलेशिया की उन्नत रणनीतिक साझेदारी का एक मुख्य आधार माना गया। दोनों देशों ने आपसी विश्वास, समान हितों और एक सुरक्षित एवं समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र के साझा सपने को साकार करने के लिए अपने द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

उल्लेखनीय है कि एससीएमसी दोनों देशों की सेनाओं के बीच संवाद का एक प्रमुख माध्यम है, जो रक्षा सचिव स्तर की भारत-मलेशिया रक्षा सहयोग बैठक की आधारशिला रखता है। इस दौरे के अंतर्गत मलेशियाई प्रतिनिधिमंडल ने भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह से शिष्टाचार भेंट की और नई दिल्ली स्थित वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के डीपीएसयू भवन का भी अवलोकन किया। इससे पूर्व, मलेशियाई प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख ने राष्ट्रीय समर स्मारक (नेशनल वॉर मेमोरियल) जाकर भारत के शहीद जवानों को पुष्पचक्र अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि दी।

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