शुक्रवार से देश की प्रतिष्ठित श्री अमरनाथ यात्रा 2026 का प्रारंभ हो गया है, जिसमें पहले ही दिन 4,822 श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा की ओर रुख किया। प्रशासन की ओर से किए गए बेहतरीन लॉजिस्टिक और सुरक्षा इंतजामों के साए में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। इस वर्ष बाबा अमरनाथ की यह पावन यात्रा कुल 57 दिनों की होगी, जो 28 अगस्त को संपन्न होगी। लंबी समय सीमा होने के कारण इस बार रिकॉर्ड संख्या में भक्तों के पहुंचने का अनुमान है।
यात्रा की शुरुआत से एक दिन पहले यानी गुरुवार को ही जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से श्रद्धालुओं का पहला जत्था कड़ी सुरक्षा के बीच कश्मीर के लिए रवाना कर दिया गया था। यह पूरा काफिला गांदरबल के बालटाल और अनंतनाग के नुनवान (पहलगाम) स्थित दोनों मुख्य आधार शिविरों पर सुरक्षित पहुंच गया। कुल 4,822 यात्रियों में से 2,510 लोगों को नुनवान (पहलगाम) शिविर में ठहराया गया है, जबकि 2,312 श्रद्धालु बालटाल कैंप पहुंचे।
जैसे ही श्रद्धालु बालटाल बेस कैंप पहुंचे, वहां मौजूद प्रदेश के परिवहन और नागरिक आपूर्ति मंत्री सतीश शर्मा, सशस्त्र पुलिस के डीआईजी मकसूद उल ज़मान, जिले के उपायुक्त जतिन किशोर और एसएसपी सुधांशु धामा ने उनका जोरदार अभिनंदन किया। जिम्मेदार अधिकारियों ने यात्रियों से मिलकर उनका हौसला बढ़ाया और इस धार्मिक यात्रा के शांतिपूर्ण एवं आध्यात्मिक रूप से फलदायी होने की उम्मीद जताई।
श्रद्धालुओं को आश्वस्त करते हुए सरकारी अमले ने कहा कि नागरिक प्रशासन, गांदरबल पुलिस, स्वास्थ्य महकमे और सीएपीएफ (CAPF) के बीच बेहतर तालमेल के जरिए सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को चाक-चौबंद किया गया है। रास्ते में यात्रियों के मार्गदर्शन और किसी भी आपातकालीन जरूरत के लिए 24 घंटे पुलिस बल की मौजूदगी रहेगी। साथ ही जगह-जगह सहायता बूथ और ‘हेल्पिंग हैंड’ टीमों का गठन किया गया है ताकि आवाजाही में कोई बाधा न आए।
इस दौरान यात्रियों से यह अपील भी की गई कि वे सुरक्षा बलों के साथ पूरा सहयोग करें और तय नियमों के दायरे में रहकर ही यात्रा पूरी करें। इस साल की अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और निर्बाध बनाने के लिए सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, श्राइन बोर्ड, स्थानीय दुकानदारों और स्वयंसेवकों ने मिलकर कड़े प्रयास किए हैं। पुलिस प्रशासन ने प्रत्येक नागरिक को एक यादगार और सुरक्षित सफर देने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए सभी को शुभकामनाएं दी हैं।