मध्य प्रदेश के देवास जिले के औद्योगिक क्षेत्र थाना इलाके में 1 जुलाई को पुलिस की डायल-112 टीम ने तत्परता दिखाते हुए एक रास्ता भटके 3 वर्षीय बच्चे को सुरक्षित उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया। पुलिस कर्मियों की मुस्तैदी के कारण यह मासूम समय रहते सही-सलामत अपने घर पहुँच सका।
राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम (डायल-112) भोपाल को 1 जुलाई को यह जानकारी मिली थी कि औद्योगिक क्षेत्र थानांतर्गत अमृत स्वीट्स के समीप एक तीन साल का बच्चा लावारिस हालत में घूम रहा है। वह अपने घर का पता भूल चुका है और अपने माता-पिता के बारे में कुछ भी बताने में असमर्थ है। इस संवेदनशील सूचना पर कार्रवाई करते हुए औद्योगिक क्षेत्र थाने की डायल-112 गाड़ी को तुरंत घटनास्थल की ओर रवाना किया गया।
मौके पर पहुँचे डायल-112 के आरक्षक सचिन चौहान और पायलट देवेंद्र भारती ने सबसे पहले उस घबराए हुए बच्चे को अपनी देखरेख में लिया। इसके बाद पुलिस टीम ने बच्चे को अपने साथ वाहन में बैठाया और आस-पास के रिहायशी इलाकों में घूमकर उसके परिजनों के बारे में पूछताछ की। काफी प्रयासों के बाद भी जब बच्चे के घर का सुराग नहीं मिला, तो सुरक्षा के लिहाज से उसे थाने ले आया गया।
कुछ समय बीतने के बाद मासूम के माता-पिता अपने खोए हुए बच्चे को ढूंढते हुए खुद औद्योगिक क्षेत्र थाने पहुँच गए। वहाँ पुलिस अधिकारियों ने उचित प्रक्रिया के तहत परिजनों की पहचान और दस्तावेजों का सत्यापन किया। पूरी तरह आश्वस्त होने के बाद बालक को सुरक्षित उसके माता-पिता को सौंप दिया गया। अपने जिगर के टुकड़े को सही-सलामत वापस पाकर भावुक परिजनों ने डायल-112 सेवा और मुस्तैद पुलिसकर्मियों का सहृदय धन्यवाद किया।
यह वाकया आपातकालीन पुलिस सेवा की तत्परता को रेखांकित करता है। डायल-112 के कर्मचारी न केवल गंभीर और आपातकालीन परिस्थितियों में मदद पहुँचाते हैं, बल्कि आम नागरिकों और बच्चों की सुरक्षा के लिए मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए हर संकट में सदैव तत्पर रहते हैं।