महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में बीते चौबीस घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रहे इस वर्षण के कारण महानगर के तमाम निचले क्षेत्रों में पानी भर गया है, जिससे यातायात और आवागमन पर बेहद बुरा असर पड़ा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मुंबई और उससे सटे ठाणे जिले के लिए अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए ‘रेड अलर्ट’ लागू कर दिया है।
महानगर में जलभराव का सबसे गंभीर असर कुर्ला स्थित लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी) रेलवे स्टेशन के आसपास देखने को मिल रहा है। स्टेशन परिसर और उसके पहुंच मार्गों के जलमग्न हो जाने की वजह से रेल यात्रियों के साथ-साथ वाहन चालकों को अपनी मंजिलों तक पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। स्थानीय प्रशासन ने मौसम की स्थिति को देखते हुए नागरिकों से अपील की है कि वे बेहद जरूरी काम होने पर ही अपने घरों से बाहर कदम रखें और सुरक्षा के लिहाज से पूरी सावधानी बरतें।
मौसम विभाग से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, 4 जुलाई की सुबह 8:30 बजे से लेकर 5 जुलाई की सुबह 5:30 बजे के बीच मुंबई के अलग-अलग हिस्सों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है। इस समयावधि में विखरोली इलाका सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां 253.0 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके ठीक बाद राम मंदिर क्षेत्र में 252.5 मिलीमीटर और सांताक्रूज में 224.5 मिलीमीटर पानी बरसा। इसके अतिरिक्त भायखला में 172.5 मिलीमीटर, विद्याविहार में 169.0 मिलीमीटर, कोलाबा में 165.5 मिलीमीटर, सायन में 157.5 मिलीमीटर तथा चेंबूर में 136.0 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जिसने ड्रेनेज सिस्टम पर दबाव बढ़ा दिया।
इस मूसलाधार वर्षा का सीधा असर मुंबई की जीवनरेखा कही जाने वाली परिवहन सेवाओं पर पड़ा है। लोकमान्य तिलक टर्मिनस के मुख्य परिसर में घुटनों तक पानी भर जाने से यात्रियों को अपना सामान लेकर आने-जाने में भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। सड़कों पर पानी जमा होने के कारण वाहनों की गति बेहद धीमी हो गई है, जिससे शहर के कई प्रमुख रास्तों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और लोग घंटों तक जाम में फंसे रहने को मजबूर हुए।
मुंबई के अलावा मौसम विभाग ने राज्य के अन्य संवेदनशील हिस्सों के लिए भी मौसम संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कोंकण बेल्ट और पुणे के घाट क्षेत्रों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है, क्योंकि इन इलाकों में भारी वर्षा के साथ-साथ भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। वहीं पुणे शहर के लिए ‘येलो अलर्ट’ घोषित किया गया है, जहां बिजली कड़कने के साथ मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। विपरीत परिस्थितियों से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन की टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में तैनात कर दिया गया है।