जिनेवा में यूएन के पहले ‘ग्लोबल डायलॉग ऑन एआई गवर्नेंस’ में भारतीय दल की अगुवाई करेंगे केंद्रीय मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह

जिनेवा में यूएन के पहले ‘ग्लोबल डायलॉग ऑन एआई गवर्नेंस’ में भारतीय दल की अगुवाई करेंगे केंद्रीय मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह

स्विट्जरलैंड के जिनेवा पहुंचे केंद्रीय विदेश तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह 6 और 7 जुलाई को होने वाले संयुक्त राष्ट्र के पहले ‘ग्लोबल डायलॉग ऑन एआई गवर्नेंस’ में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। रविवार को जिनेवा हवाई अड्डे पर आगमन के बाद संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि अरिंदम बागची ने उनकी अगवानी की। इस दो दिवसीय वैश्विक संवाद में भारत की ओर से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के नियमन को लेकर महत्वपूर्ण पक्ष रखा जाएगा।

इस वैश्विक महामंच पर भारत के रुख को स्पष्ट करते हुए संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर जानकारी साझा की है। मिशन की ओर से कहा गया है कि भारत इस अंतरराष्ट्रीय संवाद में बेहद सकारात्मकता के साथ हिस्सा ले रहा है। भारत का मुख्य एजेंडा एक ऐसे एआई गवर्नेंस मॉडल की वकालत करना है जो मानव-केंद्रित (ह्यूमन-सेंट्रिक) हो, ताकि तकनीक का विकास मानवीय कल्याण को ध्यान में रखकर किया जा सके।

यह वैश्विक संवाद संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव 79/325 के तहत गठित एक बहु-हितधारक और सार्वभौमिक मंच है। इसका आधार सितंबर 2024 में सर्वसम्मति से स्वीकार किए गए ‘ग्लोबल डिजिटल कॉम्पैक्ट’ और ‘पैक्ट ऑफ द फ्यूचर’ को माना जा रहा है। इस नए मंच की परिकल्पना विभिन्न देशों, क्षेत्रीय संगठनों और वैश्विक हितधारकों के बीच एआई नियमन से जुड़े प्रयासों में बेहतर तालमेल और समन्वय स्थापित करने के लिए की गई है।

सम्मेलन के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर बने स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पैनल (आईआईएसपीए) द्वारा अपनी पहली वार्षिक रिपोर्ट भी पेश की जाएगी। इस रिपोर्ट में एआई की मौजूदा क्षमताओं, इससे पैदा होने वाले नए अवसरों और इसके खतरों का पहला निष्पक्ष वैज्ञानिक मूल्यांकन सामने रखा जाएगा। इस वैज्ञानिक पैनल का मुख्य उद्देश्य एआई के प्रति वैज्ञानिक समझ, पारदर्शिता, जवाबदेही और मानवीय नियंत्रण को सुदृढ़ करना है, जिससे विकासशील देशों की क्षमता का निर्माण हो सके और एआई का लाभ सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में मिल सके।

जिनेवा में हो रहे इस विचार-विमर्श में मुख्य रूप से चार विषयों को शामिल किया गया है। इसके तहत एआई के सामाजिक और आर्थिक प्रभाव, तकनीकी असमानताओं को दूर करना, सुरक्षित एवं विश्वसनीय एआई का निर्माण और मानवाधिकारों पर एआई के असर जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा होगी। इस संवाद की पृष्ठभूमि तैयार करने के लिए सह-अध्यक्षों ने हितधारकों के साथ लंबा परामर्श किया है, जिसमें फरवरी 2026 में नई दिल्ली में संपन्न हुए ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ की बैठक भी शामिल है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष एनालेना बेयरबॉक ने इस वर्ष (2026) के एआई संवाद के सफल संचालन के लिए अल साल्वाडोर की एग्रीसेल्डा लोपेज और एस्टोनिया के रेन टैम्सार को सह-अध्यक्ष मनोनीतों किया है। इस वैश्विक चर्चा की अगली कड़ी के रूप में इस संवाद का दूसरा सत्र मई 2027 में न्यूयॉर्क में आयोजित किया जाना तय हुआ है।

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