महिला टी20 विश्व कप: इंग्लैंड को करारी शिकस्त देकर ऑस्ट्रेलिया सातवीं बार बना चैंपियन

महिला टी20 विश्व कप: इंग्लैंड को करारी शिकस्त देकर ऑस्ट्रेलिया सातवीं बार बना चैंपियन

लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर रविवार को खेले गए महिला टी20 विश्व कप 2026 के खिताबी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को 7 विकेट से पराजित कर रिकॉर्ड सातवीं बार ट्रॉफी पर कब्जा कर लिया। कंगारू टीम की इस ऐतिहासिक जीत में बेथ मूनी और फोएबे लिचफील्ड के बीच हुई शतकीय साझेदारी की मुख्य भूमिका रही। इस खिताबी जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने टूर्नामेंट में अपना दबदबा कायम रखा है। इससे पहले टीम 2010, 2012, 2014, 2018, 2020 और 2023 में भी विश्व विजेता बन चुकी है, जबकि इंग्लैंड के खाते में केवल साल 2009 का एकमात्र खिताब है।

फाइनल मुकाबले में टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी ब्रिटिश टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 4 विकेट खोकर 150 रनों का स्कोर खड़ा किया। इंग्लैंड की शुरुआत काफी निराशाजनक रही, जब महज 7 रन के कुल योग पर सलामी बल्लेबाज एम जोन्स सिर्फ 6 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। शुरुआती झटके के बाद कप्तान नेट साइवर-ब्रंट ने पारी को संभालने का प्रयास किया। उन्होंने दूसरे विकेट के लिए डैनी वायट-हॉज (8 रन) के साथ 25 रनों की और फिर तीसरे विकेट के लिए एलिस कैप्सी (23 रन) के साथ भी 25 रनों की छोटी साझेदारियां कीं।

एक समय 10.5 ओवरों में 70 रन पर 4 विकेट गंवाकर इंग्लैंड की टीम संघर्ष कर रही थी। ऐसी स्थिति में कप्तान नेट साइवर-ब्रंट और फ्रेया कैंप ने मोर्चा संभाला। दोनों ने सूझबूझ भरी बल्लेबाजी करते हुए पांचवें विकेट के लिए 55 गेंदों में 80 रनों की नाबाद पार्टनरशिप की और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। कप्तान साइवर-ब्रंट ने 53 गेंदों में 5 चौकों की मदद से नाबाद 58 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली। वहीं, दूसरे छोर से फ्रेया कैंप ने उनका बखूबी साथ निभाते हुए 28 गेंदों में 4 चौके और 1 छक्का जड़कर नाबाद 44 रन बनाए। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी आक्रमण की बात करें तो किम गार्थ, लूसी हैमिल्टन, सोफी मोलिनेक्स और एनाबेल सदरलैंड को एक-एक सफलता मिली।

जीत के लिए मिले 151 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने महज 17.1 ओवरों में 3 विकेट के नुकसान पर आसानी से मैच अपने नाम कर लिया। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत भी धीमी रही और जॉर्जिया वोल मात्र 9 रन बनाकर आउट हो गईं। लेकिन इसके बाद बेथ मूनी और फोएबे लिचफील्ड ने मोर्चा संभालते हुए दूसरे विकेट के लिए 67 गेंदों में 100 रनों की मजबूत साझेदारी कर अपनी टीम की जीत सुनिश्चित कर दी।

इस मैच जिताऊ साझेदारी के दौरान फोएबे लिचफील्ड अपने अर्धशतक से महज दो रन से चूक गईं और 35 गेंदों में 48 रन बनाकर आउट हुईं। उन्होंने अपनी पारी में 6 चौके और 2 शानदार छक्के लगाए। उनके आउट होने के बाद अनुभवी बेथ मूनी ने एलिस पेरी के साथ मिलकर स्कोर को आगे बढ़ाया और दोनों के बीच 23 रनों की साझेदारी हुई। मूनी ने 49 गेंदों का सामना करते हुए 10 चौकों की मदद से शानदार 64 रनों की पारी खेली। अंत में एलिस पेरी 13 रन बनाकर नाबाद लौटीं और टीम को रिकॉर्ड सातवें विश्व कप खिताब तक पहुंचा दिया। इंग्लैंड के गेंदबाजों में शार्लेट डीन, लॉरेन बेल और सोफी एक्लेस्टोन ने एक-एक विकेट चटकाया, जो उनकी टीम को हार से बचाने के लिए नाकाफी साबित हुआ।

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