बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात की तीन विधानसभा सीटों पर 30 जुलाई को उपचुनाव, निर्वाचन आयोग ने जारी की अधिसूचना

बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात की तीन विधानसभा सीटों पर 30 जुलाई को उपचुनाव, निर्वाचन आयोग ने जारी की अधिसूचना

भारतीय निर्वाचन आयोग ने सोमवार को देश के तीन राज्यों—बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात की तीन खाली विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों के लिए आधिकारिक तौर पर अधिसूचना जारी कर दी है। इन सीटों पर आगामी 30 जुलाई को वोट डाले जाएंगे, जिसके बाद 3 अगस्त को मतगणना प्रक्रिया पूरी कर नतीजे सामने आ जाएंगे। इस चुनावी प्रक्रिया को संपन्न कराने के लिए आयोग ने सभी प्रशासनिक और सुरक्षा तैयारियां तेज कर दी हैं।

निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार, इन सीटों पर चुनावी मैदान में उतरने वाले प्रत्याशियों के लिए नामांकन पत्र भरने की आखिरी तारीख 13 जुलाई तय की गई है। इसके अगले दिन यानी 14 जुलाई को दाखिल किए गए दस्तावेजों की स्क्रूटनी (जांच) की जाएगी। जो उम्मीदवार अपना नाम वापस लेना चाहते हैं, वे 16 जुलाई तक ऐसा कर सकेंगे। मतदान के दिन सुबह 7 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।

इस उपचुनाव के तहत जिन तीन सीटों पर वोटिंग होनी है, उनमें बिहार की बांकीपुर, मध्य प्रदेश की दतिया और गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट शामिल है। इन तीनों ही क्षेत्रों में अलग-अलग राजनीतिक कारणों और घटनाक्रमों की वजह से जनप्रतिनिधियों के पद खाली हुए थे, जिन्हें भरने के लिए आयोग ने इस कार्यक्रम की घोषणा की है।

मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर कांग्रेस के विधायक रहे राजेंद्र भारती को एक जालसाजी के मामले में अदालत द्वारा दोषी पाए जाने के बाद विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहरा दिया गया था। साल 2023 में हुए पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान भारती ने भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा को शिकस्त देकर यह सीट जीती थी।

गुजरात की मांजलपुर सीट पर भारतीय जनता पार्टी के विधायक योगेश नारायणदास पटेल के असामयिक निधन के चलते चुनाव कराने की नौबत आई है। 79 वर्षीय पटेल का कुछ समय पहले ही देहांत हो गया था, जिसके बाद से यह निर्वाचन क्षेत्र खाली पड़ा था।

वहीं बिहार के बांकीपुर क्षेत्र की बात करें तो यहां से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन विधायक थे। हाल ही में उनके राज्यसभा सांसद के रूप में निर्वाचित होने के बाद, उन्होंने नियमानुसार विधानसभा की सदस्यता से अपना त्यागपत्र दे दिया था। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि तीनों राज्यों में पूरी तरह स्वतंत्र, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से मतदान प्रक्रिया पूरी करने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।

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