मध्यप्रदेश राज्य बैडमिंटन अकादमी की उत्कृष्ट खिलाड़ी गौरांशी शर्मा का चयन मलेशिया में आयोजित होने वाली एशिया पैसिफिक डेफ बैडमिंटन चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में हुआ है। इस अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट में गौरांशी भारतीय चुनौती की कमान संभालते हुए कोर्ट पर उतरेंगी। खेल जगत में इस चयन को राज्य की खेल प्रतिभाओं की उन्नति और समावेशी खेल संस्कृति के विकास में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।
अंतर्राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर मध्यप्रदेश की इस उपस्थिति को राज्य में खिलाड़ियों को मिलने वाली गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं से जोड़कर देखा जा रहा है। अकादमी में मिलने वाले आधुनिक प्रशिक्षण और राज्य में खेल प्रतिभाओं को लगातार निखारने के प्रयासों के कारण ही गौरांशी ने यह मुकाम पाया है। उनका चयन राज्य के खेल इतिहास में एक गर्व का क्षण है, जो अन्य दिव्यांग खिलाड़ियों को भी नए सपने देखने की प्रेरणा देगा।
यह सफलता गौरांशी के अथक परिश्रम, खेल के प्रति अटूट निष्ठा और नियमित अभ्यास का परिणाम है। राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपनी खेल कुशलता का लोहा मनवाने के बाद ही चयनकर्ताओं ने उन पर भरोसा जताया है। कड़े प्रशिक्षण सत्रों से गुजरने के बाद आखिरकार उन्हें इस प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय मंच पर देश के प्रतिनिधित्व की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
गौरांशी की यह गौरवपूर्ण उपलब्धि मध्यप्रदेश के युवा और जूनियर खिलाड़ियों के लिए एक आदर्श उदाहरण पेश करती है। उनकी कामयाबी यह संदेश देती है कि शारीरिक बाधाएं कभी भी प्रतिभा को नहीं रोक सकतीं। यदि सही समय पर उचित मार्गदर्शन मिले और खिलाड़ी में दृढ़ संकल्प हो, तो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया जा सकता है।
गौरांशी के चयन पर खुशी जाहिर करते हुए खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने उन्हें अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं। खेल मंत्री ने रेखांकित किया कि राज्य के खिलाड़ी हर मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं और देश-प्रदेश का नाम ऊंचा कर रहे हैं। उन्होंने पूरा भरोसा जताया कि मलेशिया की धरती पर होने वाली इस डेफ बैडमिंटन चैंपियनशिप में भी गौरांशी अपने कौशल से देश को गौरवान्वित करेंगी।