भारत और इंडोनेशिया के साझा सांस्कृतिक संबंधों को मिली नई मजबूती, पीएम मोदी और राष्ट्रपति सुबियांतो ने किया प्रम्बानन मंदिर का ऐतिहासिक दौरा

भारत और इंडोनेशिया के साझा सांस्कृतिक संबंधों को मिली नई मजबूती, पीएम मोदी और राष्ट्रपति सुबियांतो ने किया प्रम्बानन मंदिर का ऐतिहासिक दौरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने बुधवार को दक्षिण-पूर्व एशिया के सबसे विशाल हिंदू मंदिर परिसर ‘प्रम्बानन’ का एक साथ दौरा किया। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर राष्ट्रपति सुबियांतो के साथ अपनी एक तस्वीर साझा करने के साथ ही हेलीकॉप्टर से लिए गए इस ऐतिहासिक मंदिर के विहंगम दृश्य का वीडियो भी पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने इसकी अलौकिक भव्यता की खुलकर प्रशंसा की।

इस दौरे को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ अपनी तस्वीर के साथ लिखा कि वे इंडोनेशियाई राष्ट्रपति के साथ योग्याकार्ता से प्रम्बानन मंदिर की तरफ प्रस्थान कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने आसमान से दिखाई दे रहे मंदिर परिसर का एक शानदार वीडियो भी साझा किया और इसे बेहद उत्कृष्ट और भव्य बताया।

इससे पहले, मंगलवार को इंडोनेशियाई संसद में दिए अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने इस संयुक्त यात्रा की रूपरेखा साझा की थी। उन्होंने बताया था कि यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल योग्याकार्ता स्थित प्रम्बानन मंदिर के संरक्षण और जीर्णोद्धार (पुनर्स्थापन) के लिए दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं। दोनों नेता इस विशेष परियोजना का संयुक्त रूप से उद्घाटन करेंगे, जो दोनों राष्ट्रों की साझा सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को संजोने के प्रति उनके गंभीर संकल्प को प्रदर्शित करता है।

इस संरक्षण परियोजना को गति देने के लिए 7 जुलाई को दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण सहमति बनी थी। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति सुबियांतो की द्विपक्षीय बातचीत के ठीक बाद, भारत समर्थित इस जीर्णोद्धार योजना के लिए आशय पत्र (Letter of Intent) का आदान-प्रदान किया गया था। इस उच्च स्तरीय बैठक में न केवल सांस्कृतिक संबंधों पर बात हुई, बल्कि व्यापक रणनीतिक साझेदारी को प्रगाढ़ करने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति व स्थिरता बनाए रखने के लिए आपसी सहयोग को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी थी।

ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य की बात करें तो 10वीं शताब्दी में निर्मित प्रम्बानन मंदिर न केवल इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर है, बल्कि यह मुख्य रूप से भगवान शिव को समर्पित है। इस विशाल परिसर में त्रिदेवों—भगवान शिव, भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा—के ऊंचे मंदिरों के साथ-साथ उनके दिव्य वाहनों के लिए भी अलग मंदिर बने हुए हैं। इस मंदिर की दीवारों पर उकेरी गई रामायण के प्रसंगों की उत्कृष्ट नक्काशी आज भी भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के बीच के सदियों पुराने आध्यात्मिक संबंधों का सजीव प्रमाण प्रस्तुत करती है।

इंडोनेशियाई संसद में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के इसी अटूट रिश्ते पर विशेष जोर दिया था। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि भारत और इंडोनेशिया के संबंध रामायण और महाभारत की साझा विरासत की नींव पर टिके हुए हैं। इसके साथ ही उन्होंने दोनों देशों के बीच के सदियों पुराने सभ्यतागत और सांस्कृतिक संपर्कों को आधुनिक समय में और अधिक सशक्त बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

वर्तमान में प्रधानमंत्री मोदी इंडोनेशिया की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस व्यस्त दौरे के दौरान उन्होंने राष्ट्रपति सुबियांतो के साथ द्विपक्षीय वार्ता का नेतृत्व किया, वहां की संसद को संबोधित किया और साथ ही इंडोनेशिया में रह रहे प्रवासी भारतीय समुदाय के एक विशेष कार्यक्रम में भी शिरकत की।

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