बुधवार को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने संयुक्त रूप से बूंदी जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के विभिन्न खंडों का विस्तृत निरीक्षण किया। इस संयुक्त दौरे का उद्देश्य एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्यों की भौतिक प्रगति को परखना और यात्रियों की सुरक्षा के लिए किए गए इंतजामों की समीक्षा करना था। प्रतिनिधिमंडल ने लबाना इंटरचेंज पर रुककर कार्य की गुणवत्ता को देखा और मार्ग में कई अन्य स्थानों पर रुककर प्रगति रिपोर्ट का आकलन किया।
कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर स्थानीय प्रशासन और गणमान्य नागरिकों द्वारा नेताओं का औपचारिक स्वागत किया गया, जिसके बाद मुख्यमंत्री शर्मा ने वहां आयोजित की गई विकासात्मक प्रदर्शनी का गहराई से निरीक्षण किया। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करने के लिए राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर सहित क्षेत्र के कई प्रमुख जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय निवासी मौजूद रहे।
इससे पहले, केंद्रीय मंत्री गडकरी विशेष रूप से एक्सप्रेसवे की सुरक्षा व्यवस्था और कॉरिडोर के सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने के लिए राजस्थान पहुंचे थे। अपने तय कार्यक्रम के अनुसार उन्होंने अलवर जिले के पिनन रेस्ट एरिया का दौरा किया। वहां उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों के साथ एक औपचारिक बैठक की, जिसमें उन्होंने यातायात प्रबंधन को सुचारू बनाने और सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य करने के लिए गश्त बढ़ाने के कड़े निर्देश जारी किए। गडकरी ने कानून-व्यवस्था और सड़क सुरक्षा से जुड़े विभागों को मिलकर काम करने तथा किसी भी दुर्घटना की स्थिति में तुरंत राहत टीम भेजने की व्यवस्था करने को कहा।
सड़क हादसों के कारणों पर चर्चा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को ताकीद की कि एक्सप्रेसवे के मुख्य मार्ग या किनारों पर ट्रकों को कहीं भी खड़ा करने की इजाजत न दी जाए और इस संबंध में नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए। इसी स्थान पर संवाददाताओं और अधिकारियों को संबोधित करते हुए राज्य की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने रेखांकित किया कि दिल्ली और मुंबई के बीच यात्रा के समय में आई ऐतिहासिक कमी से देश के व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक विकास को एक बड़ा संबल मिला है।
उपमुख्यमंत्री ने आगे जानकारी दी कि केंद्र सरकार द्वारा इस एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई आधुनिक तकनीकों का समावेश किया गया है, जिसमें गति मापने वाले यंत्र (स्पीड डिटेक्टर), सीसीटीवी कैमरों का नेटवर्क और उन्नत आपातकालीन सहायता प्रणालियां शामिल हैं। उन्होंने दौरे की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि निर्माण कार्य की उच्च गुणवत्ता और सड़क सुरक्षा के तय प्रोटोकॉल से कोई समझौता न हो। इसके साथ ही उन्होंने वाहनों में आग लगने की अप्रिय घटनाओं पर सरकार की संवेदनशीलता व्यक्त की और आश्वस्त किया कि सुरक्षा तंत्र को और उन्नत किया जा रहा है।
पिनन रेस्ट एरिया में बुनियादी सुविधाओं का जायजा लेने के उपरांत केंद्रीय मंत्री अपने निरीक्षण अभियान के अगले पड़ाव की ओर बढ़ गए। इस दौरान सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के तकनीकी विशेषज्ञों और एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम ने प्रजेंटेशन के जरिए गडकरी को एक्सप्रेसवे के संचालन, समय-समय पर होने वाले रख-रखाव और उन्नत सुरक्षा उपायों के क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी दी।