फीफा विश्व कप 2026 के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में फ्रांस ने मोरक्को को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। इस निर्णायक मैच में फ्रांस के खिलाड़ियों ने खेल के हर क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन किया, जिसके कारण मोरक्को की टीम का इस टूर्नामेंट में आगे बढ़ने का सपना यहीं समाप्त हो गया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही फ्रांस ने लगातार तीसरी बार विश्व कप के अंतिम चार में जगह पक्की की है।
मैच की शुरुआत से ही फ्रांस की टीम ने आक्रामक रणनीति अपनाई और प्रतिद्वंदी टीम के डिफेंस पर लगातार दबाव बनाए रखा। खेल के शुरुआती पांचवें मिनट में ही फ्रांस को बढ़त का मौका मिला था, जब दायोट उपामेकानो ने शानदार हेडर लगाया। हालांकि, मोरक्को के गोलकीपर यासीन बुनू ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस गेंद का बेहतरीन बचाव किया और अपनी टीम को शुरुआती झटके से बचा लिया।
पहले हाफ के दौरान मैदान पर उस समय रोमांच बढ़ गया जब बॉक्स के भीतर नोसैर मजराउई ने फ्रांस के कप्तान किलियन एम्बाप्पे के खिलाफ एक फाउल कर दिया। इसके परिणामस्वरूप रेफरी ने फ्रांस के पक्ष में पेनल्टी का फैसला सुनाया। पेनल्टी का शॉट खुद एम्बाप्पे ने लिया, लेकिन मोरक्को के गोलकीपर यासीन बुनू ने एक बार फिर शानदार सूझबूझ का परिचय देते हुए इस पेनल्टी को रोक दिया। इस नाकाम प्रयास के बाद भी फ्रांस ने अपने हमले जारी रखे, पर मोरक्को के रक्षापंक्ति के खिलाड़ियों ने पहले 45 मिनट तक स्कोरलाइन को 0-0 पर रोके रखा।
मध्यांतर के बाद खेल के दूसरे हाफ में फ्रांस ने अपनी रणनीति बदलते हुए हमलों की गति को और तेज कर दिया। मैच के 60वें मिनट में किलियन एम्बाप्पे ने एक बेहतरीन कर्लिंग शॉट खेलकर गेंद को सीधे गोलपोस्ट में डाल दिया और फ्रांस को 1-0 की महत्वपूर्ण बढ़त दिला दी। इस टूर्नामेंट में एम्बाप्पे का यह आठवां गोल था। इस सफलता के ठीक छह मिनट बाद, एम्बाप्पे से मिले एक सटीक पास को उस्मान डेम्बेल ने गोल में तब्दील कर दिया, जिससे फ्रांस की बढ़त 2-0 हो गई।
दो गोलों की मजबूत बढ़त हासिल करने के बाद फ्रांस ने खेल की गति और नियंत्रण पूरी तरह अपने हाथों में ले लिया। मोरक्को की टीम ने वापसी के कई प्रयास किए, लेकिन वे फ्रांस के मजबूत चक्रव्यूह को भेदने में असफल रहे। इस जीत के साथ ही फ्रांस ने विश्व कप इतिहास में लगातार तीसरी बार सेमीफाइनल का टिकट कटाया है। इससे पहले टीम ने 2018 में खिताब अपने नाम किया था और 2022 में उपविजेता रही थी। अब फ्रांस की टीम 15 जुलाई को होने वाले पहले सेमीफाइनल मुकाबले में खेलने उतरेगी।