आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की तीसरी बैठक संपन्न: देश में 93.95 करोड़ से अधिक आभा नंबर बने, जे.पी. नड्डा ने की समीक्षा

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की तीसरी बैठक संपन्न: देश में 93.95 करोड़ से अधिक आभा नंबर बने, जे.पी. नड्डा ने की समीक्षा

नई दिल्ली में आज केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तथा आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के मिशन संचालन समूह के अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा की अध्यक्षता में समूह की तीसरी महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस उच्च स्तरीय बैठक में देश भर में डिजिटल स्वास्थ्य अवसंरचना को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा आम नागरिकों के लिए इसकी पहुंच को और आसान बनाने की रणनीति पर व्यापक चर्चा की गई। बैठक में केंद्रीय मंत्री ने एबीडीएम के तहत तैयार हो चुके मजबूत ढांचे की सराहना करते हुए अब इसके व्यापक उपयोग और अंतरसंचालनीयता (इंटरऑपरेबिलिटी) पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता जताई।

समीक्षा बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने स्पष्ट किया कि डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से देशवासियों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था से मरीजों के उपचार में निरंतरता बनी रहती है और नागरिक अपनी मर्जी से पूरी तरह सुरक्षित तरीके से अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटल माध्यम पर देख सकते हैं। उन्होंने देश के सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और सहयोगी संगठनों से अपील की कि वे एक सुरक्षित और नागरिक-केंद्रित डिजिटल स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र का विस्तार करने के लिए मिलकर काम करें।

इस बैठक में मिशन की अब तक की प्रगति और देश के विभिन्न राज्यों में इसके क्रियान्वयन के तरीकों पर विस्तृत विमर्श किया गया। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर अब तक 93.95 करोड़ से ज्यादा आयुष्मान भारत डिजिटल हेल्थ अकाउंट (आभा) नंबर तैयार किए जा चुके हैं। इसके साथ ही लगभग 105 करोड़ स्वास्थ्य रिकॉर्ड को इस प्रणाली से जोड़ा जा चुका है। वर्तमान में 5.33 लाख स्वास्थ्य संस्थान और करीब 9.85 लाख स्वास्थ्य कर्मी राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य रजिस्ट्री का हिस्सा बन चुके हैं, जबकि 24 करोड़ के आसपास स्कैन एंड रजिस्टर टोकन जारी किए गए हैं।

बैठक में कई राज्यों के प्रमुख नेताओं और नीति निर्माताओं ने भाग लिया, जिनमें त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा और मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल प्रमुख रूप से शामिल थे। इसके अलावा आयुष और स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव, स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल, और वाणिज्य, उद्योग तथा आईटी राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद भी उपस्थित रहे। नीति आयोग के सदस्य डॉ. एम. श्रीनिवास, प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद और ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री श्री मुकेश महालिंग सहित केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव श्रीमती पुण्य सलीला श्रीवास्तव और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के सीईओ डॉ. सुनील कुमार बरनवाल ने भी चर्चा में सहयोग दिया।

मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने बैठक में अपने राज्य की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि प्रदेश में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर तेजी से काम हो रहा है। मध्यप्रदेश में अब तक लगभग 5.86 करोड़ आभा आईडी बनाई जा चुकी हैं। इसके अतिरिक्त राज्य के 20 हजार के करीब स्वास्थ्य संस्थान और 18 हजार से ज्यादा स्वास्थ्य पेशेवर राष्ट्रीय रजिस्ट्री से जुड़ चुके हैं।

उप मुख्यमंत्री ने आगे जानकारी दी कि मध्यप्रदेश के 533 चिकित्सा केंद्रों में ‘स्कैन एंड शेयर’ की आधुनिक सुविधा सुचारू रूप से कार्य कर रही है, जिसकी मदद से 1 करोड़ 7 लाख 70 हजार से अधिक ओपीडी पंजीकरण टोकन बांटे जा चुके हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के बचे हुए सभी कार्यों को मध्यप्रदेश सरकार प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा करेगी।

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