वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के समीप एक दुखद नौका हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीय नागरिकों के पार्थिव शरीर सोमवार को विमान द्वारा मुंबई हवाई अड्डे पर लाए गए। यह भयानक हादसा 11 जुलाई को उस समय हुआ जब पर्यटकों से भरी एक नाव पलट गई। हनोई स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ के जरिए इस बात की पुष्टि की है कि मृतकों के शवों को भारत वापस ले आया गया है और अब उन्हें उनके पैतृक निवासों तक भेजने की तैयारी की जा रही है।
इस संवेदनशील मामले पर जानकारी देते हुए भारतीय दूतावास ने कहा कि हनोई में मौजूद दूतावास और हो ची मिन्ह सिटी स्थित वाणिज्य दूतावास विभिन्न राज्य सरकारों के साथ निरंतर संपर्क में हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी पार्थिव शरीरों को बिना किसी देरी के उनके शोकाकुल परिवारों तक पहुंचाया जा सके। राजनयिकों ने इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं व्यक्त की हैं।
इस बीच, दक्षिण भारतीय राज्यों की सरकारें अपने नागरिकों के शवों को सुरक्षित रूप से उनके गृह जिलों तक पहुंचाने के लिए मुस्तैद हो गई हैं। आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल की राज्य सरकारें हवाई अड्डे से लेकर अंतिम गंतव्य तक की सभी आवश्यक परिवहन व्यवस्थाओं को पूरा करने में जुटी हुई हैं, ताकि परिजनों को इस संकट की घड़ी में और अधिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
दूसरी ओर, इस दर्दनाक हादसे में घायल हुए एक भारतीय नागरिक की स्थिति अब पूरी तरह स्थिर बताई जा रही है। शुरुआत में फु क्वोक में ही उनका उपचार किया जा रहा था, जहां रविवार शाम को उनकी एक बेहद अहम मेडिकल प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। इसके बाद, बेहतर चिकित्सा देखभाल के लिए सोमवार को उन्हें हो ची मिन्ह सिटी के एक बड़े अस्पताल में स्थानांतरित किया गया है। राहत की बात यह है कि पीड़ित की देखभाल के लिए उनके परिवार के सदस्य भी वियतनाम पहुंच चुके हैं।
हादसे की जांच कर रही वियतनाम की अन गियांग प्रांत पुलिस ने इस मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। नियमों और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के आरोप में रविवार को नाव के 57 वर्षीय कप्तान गुयेन होंग हाई को हिरासत में ले लिया गया है। स्थानीय प्रशासन ने आरोपी कप्तान के खिलाफ आपराधिक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की तफ्तीश तेज कर दी है।
दुर्घटना के विवरण के अनुसार, उस अभागे जहाज पर कुल 32 भारतीय पर्यटक सवार थे। इनमें से 17 सैलानी तमिलनाडु के रहने वाले थे, जबकि शेष यात्री आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और केरल से ताल्लुक रखते थे। फु क्वोक के दक्षिणी समुद्री हिस्से में सैर-सपाटे के दौरान अचानक नाव असंतुलित होकर पलट गई। घटना के फौरन बाद स्थानीय बचाव कर्मियों, पर्यटकों और आपातकालीन सेवाओं ने व्यापक स्तर पर खोजबीन अभियान चलाकर लोगों को बचाने का प्रयास किया था।