जेलों में सुरक्षा प्रबंधों को मजबूत और चाक-चौबंद करने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश के जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं महानिदेशक (डीजी) डॉ. वरुण कपूर ने देवास जिले की सोनकच्छ उप-जेल (सब जेल) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल परिसर के भीतर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
इस औचक निरीक्षण के तहत महानिदेशक डॉ. कपूर ने कैदियों की बैरकों, जेल की रसोई (पाकशाला) और भंडार गृह (गोदाम) समेत विभिन्न व्यवस्थाओं का बारीक मुआयना किया। उन्होंने वहां मौजूद अधिकारियों को साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और बंदियों की देखरेख से जुड़े मामलों में जरूरी सुधार करने को कहा। इसके साथ ही, उन्होंने जेल प्रबंधन से कहा कि जेल की बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और मरम्मत कार्यों के लिए जरूरी प्रस्ताव जल्द से जल्द जेल मुख्यालय को भेजे जाएं।
महानिदेशक ने अपने इस दौरे में न केवल बंदियों की दिक्कतों को सुना, बल्कि वहां तैनात जेल कर्मियों की समस्याओं और जरूरतों पर भी गंभीरता से ध्यान दिया। डॉ. कपूर ने जेल स्टाफ को आश्वस्त किया कि कर्मचारियों के लिए नए आवासों का निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा और इसके लिए जरूरत के मुताबिक बजट भी मुहैया कराया जाएगा। उन्होंने जेल परिसर के भीतर सभी जरूरी जीर्णोद्धार और मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने की बात कही।
इस निरीक्षण प्रक्रिया के दौरान देवास जिला जेल के अधीक्षक श्री विद्याभूषण प्रसाद और सोनकच्छ सब जेल के सहायक जेल अधीक्षक श्री बुद्धिविलास आरख सहित जेल महकमे के तमाम अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे।
निरीक्षण के समापन पर महानिदेशक डॉ. वरुण कपूर ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। उन्होंने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ मुहिम के तहत जेल परिसर में पौधे लगाए। इसके साथ ही उन्होंने उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से अधिक से अधिक संख्या में पौधारोपण करने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने का आह्वान किया।