केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-यूरोपीय संघ व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) की मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान 14 और 15 जुलाई को ब्रसेल्स में यूरोपीय उद्योग जगत के शीर्ष प्रतिनिधियों से मुलाकात की। दो दिवसीय बैठकों के दौरान द्विपक्षीय व्यापार, औद्योगिक सहयोग, तकनीकी साझेदारी, निवेश और नवाचार को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस रणनीतिक संवाद का उद्देश्य दोनों क्षेत्रों के बीच आर्थिक संबंधों को और अधिक मजबूत बनाना है।
इस सिलसिले की शुरुआत 14 जुलाई को हुई, जब केंद्रीय मंत्री ने थेल्स बेल्जियम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एलेन क्वेरिन के साथ बैठक की। इस दौरान दोनों नेताओं ने औद्योगिक सहभागिता और आधुनिक प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान को गहरा करने के अवसरों पर मंथन किया। इसके साथ ही, उन्होंने सिलॉक्स ग्रुप के प्रबंध निदेशक जीन क्रिस्टोफ़ बोगार्ट से भी मुलाकात की, जिसमें द्विपक्षीय व्यापार को गति देने तथा औद्योगिक सहयोग को नए स्तर पर ले जाने की रणनीतियों पर विचार-विमर्श हुआ।
अगले दिन, 15 जुलाई को पीयूष गोयल ने फेडरेशन ऑफ एंटरप्राइजेज इन बेल्जियम (एफईबी) द्वारा आयोजित एक महत्वपूर्ण व्यापार गोलमेज बैठक में शिरकत की। इस उच्च स्तरीय बैठक में भारत के विदेश मंत्री और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री भी उपस्थित रहे। भारत और यूरोप के प्रमुख उद्योगपतियों ने इस मंच पर व्यापारिक सुगमता (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस), निवेश प्रवाह को सुचारू बनाने, आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता सुनिश्चित करने और डिजिटल नवाचार जैसे वैश्विक मुद्दों पर अपने-अपने दृष्टिकोण साझा किए।
दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने फिक्की (FICCI) के प्रतिनिधिमंडल के साथ भी एक विशेष बैठक की। भारतीय उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने इस बातचीत में वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने, नियामक चुनौतियों के निपटारे और भारत-यूरोपीय संघ टीटीसी फ्रेमवर्क के तहत मिलने वाले अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने के संबंध में अपने बहुमूल्य सुझाव दिए। पीयूष गोयल ने उद्योगपतियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार भारतीय उद्योगों के लिए बाजार तक पहुंच बढ़ाने और नवाचार पर आधारित साझेदारियों को प्रोत्साहित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
ब्रसेल्स में आयोजित इन बैठकों के माध्यम से भारत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वह उद्योग-केंद्रित विकास, नवाचार और मजबूत वैश्विक गठजोड़ को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। सरकार की ओर से यह दोहराया गया कि भारत-यूरोपीय संघ टीटीसी के माध्यम से औद्योगिक सहयोग को सशक्त बनाने, बाजार की बाधाओं को दूर करने और यूरोपीय महाद्वीप में भारतीय व्यापार के लिए नए रास्ते तलाशने के प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।