भारत और ब्रिटेन के मध्य मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) प्रभावी होने के बाद दोनों देशों के बीच वाणिज्यिक और निवेश गतिविधियों में तेजी आने की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं। इस सकारात्मक आर्थिक परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए दिग्गज विमानन कंपनी ब्रिटिश एयरवेज ने भारतीय बाजार में अपनी परिचालन सेवाओं के विस्तार का आधिकारिक ऐलान किया है।
कंपनी के महाप्रबंधक डेविड राइट ने आगामी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि विमानन कंपनी इस साल के शीतकालीन शेड्यूल से भारत के लिए संचालित होने वाली अपनी साप्ताहिक उड़ानों की संख्या को 63 से बढ़ाकर 70 करने जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उड़ानों में यह वृद्धि भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के बीच निरंतर मजबूत हो रहे द्विपक्षीय आर्थिक रिश्तों में कंपनी के अडिग भरोसे को प्रदर्शित करती है।
इस व्यापारिक समझौते पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए महाप्रबंधक डेविड राइट ने इसे एक युगांतरकारी कदम करार दिया। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक संधि से दोनों देशों के व्यापारिक जगत को एक नया मंच मिलेगा, जिससे आपसी आर्थिक सहयोग और व्यावसायिक संभावनाओं को काफी गति मिलेगी।
डेविड राइट ने भारतीय बाजार की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत, ब्रिटिश एयरवेज के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण बाजारों में शुमार है। कंपनी आने वाले समय में भारत के साथ अपने कारोबारी जुड़ाव को और अधिक प्रगाढ़ बनाने के लिए पूरी तरह तैयार और उत्सुक है।
विमानन कंपनी के रणनीतिक उद्देश्यों को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि ब्रिटिश एयरवेज का मुख्य लक्ष्य भारतीय यात्रियों, व्यापारिक संस्थाओं और विभिन्न समुदायों को ब्रिटेन सहित अपने व्यापक वैश्विक नेटवर्क से और अधिक सुगमता से जोड़ना है। इसके साथ ही, इस मुक्त व्यापार समझौते से उत्पन्न होने वाले नए निवेश और वाणिज्यिक अवसरों का पूरा लाभ उठाना भी कंपनी की प्राथमिकता है।
उन्होंने आगे कहा कि इस ऐतिहासिक समझौते का सकारात्मक असर सिर्फ द्विपक्षीय व्यापार तक ही सीमित नहीं रहने वाला है, बल्कि इससे दोनों देशों के बीच शैक्षणिक प्रगति, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और जन-जन के आपसी संपर्कों (पीपुल-टू-पीपुल कॉन्टैक्ट) को भी एक नई ऊर्जा मिलेगी।
ब्रिटिश एयरवेज के भारत के साथ ऐतिहासिक जुड़ाव का उल्लेख करते हुए राइट ने बताया कि कंपनी बीते एक सदी (100 वर्ष) से भी अधिक समय से भारत में अपनी हवाई सेवाएं दे रही है। इस लंबी यात्रा के दौरान एयरलाइन दोनों देशों के बीच पनपे गहरे और समृद्ध सांस्कृतिक संबंधों की गवाह रही है।
अंत में, विमानन क्षेत्र के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि एविएशन सेक्टर न केवल व्यापार, पर्यटन, निवेश और शिक्षा को गति देता है, बल्कि विभिन्न समाज के लोगों को आपस में जोड़ने का माध्यम भी बनता है। ऐसे में इस मुक्त व्यापार समझौते के लागू होने से भारत और ब्रिटेन के आपसी संबंध इतिहास के एक नए और मजबूत दौर में प्रवेश करेंगे।