मध्यप्रदेश सरकार ने नई दिल्ली में आयोजित ‘भारत टेक्स-2026’ और ‘इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश’ के मंच से औद्योगिक विकास की दिशा में एक बड़ी सफलता अर्जित की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में हुए इन दोनों आयोजनों के माध्यम से प्रदेश को कुल ₹20,193 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस भारी-भरकम निवेश से राज्य में करीब 27,592 लोगों के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसरों का सृजन होने की उम्मीद है।
देश की राजधानी में आयोजित इस विशेष सत्र के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुनिया भर के निवेशकों, प्रमुख उद्योगपतियों और अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों के प्रतिनिधियों को संबोधित किया। उन्होंने मध्यप्रदेश को देश के भीतर एक उभरते हुए औद्योगिक एवं टेक्सटाइल हब के रूप में रेखांकित किया। इसी के साथ उन्होंने सभी उपस्थित उद्योगपतियों को आगामी जनवरी 2027 में होने वाली ‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’ (GIS-2027) में सम्मिलित होने के लिए औपचारिक निमंत्रण भी दिया। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार निवेशकों को अनुकूल नीतियां, सुदृढ़ इन्फ्रास्ट्रक्चर और तीव्र प्रशासनिक सहयोग देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नए निवेश प्रस्तावों, व्यापारिक साझेदारियों और समझौतों (एमओयू) के बल पर मध्यप्रदेश देश के शीर्ष निवेश स्थलों में अग्रणी भूमिका निभाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने में मील का पत्थर साबित होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नीति, नीयत, प्रतिभा, सुविधा और सुरक्षा की गारंटी के साथ औद्योगिक विकास की राह पर आगे बढ़ रही है।
प्रगति के इस विवरण को दो हिस्सों में देखा जा सकता है। पहला, ‘भारत मंडपम’ में संपन्न हुए ‘भारत टेक्स-2026’ के टेक्सटाइल राउंडटेबल के दौरान वस्त्र, परिधान, पीएम मित्र पार्क और तकनीकी वस्त्रों जैसे क्षेत्रों पर विस्तृत मंथन हुआ, जहाँ ₹1,592 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले। इनसे 15,700 रोजगार सृजित होने का अनुमान है। दूसरा बड़ा हिस्सा होटल ‘द लीला पैलेस’ में आयोजित दिल्ली निवेश संवाद का रहा, जहाँ रक्षा, डेटा सेंटर, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे विभिन्न तकनीकी व विनिर्माण क्षेत्रों से ₹18,601 करोड़ के प्रस्ताव आए, जिससे लगभग 11,892 लोगों को काम मिलने की संभावना है।
सत्र के दौरान मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) ने निर्यात संवर्धन, वैश्विक व्यापार और एमएसएमई सहयोग को गति देने के लिए सात प्रमुख एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इनमें फिक्की, एसोचैम, अमेज़न ग्लोबल सेलिंग और पीपुल ऑफ इंडियन ओरिजिन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री जैसे संगठन शामिल हैं, जो प्रदेश के शिल्पकारों व उद्यमियों को वैश्विक बाजार से जोड़ेंगे। इसके अलावा अपैरल और कॉटन टेक्सटाइल से जुड़ी विभिन्न परिषदों के साथ भी रणनीतिक समझौते किए गए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वैश्विक आर्थिक संबंधों को प्रगाढ़ करने के उद्देश्य से कई देशों के राजनयिकों और कॉरपोरेट प्रमुखों के साथ ‘वन-टू-वन’ बैठकें भी कीं। इनमें श्रीलंका के उद्योग मंत्री सुनील हंदुन्नेत्ती, भारत में ब्राजील के राजदूत केनेथ फेलिक्स हैज़िन्स्की दा नोब्रेगा, बर्ड ग्रुप की अध्यक्ष राधा भाटिया सहित रूस, इटली और फ्रांस के प्रतिनिधिमंडलों से सार्थक चर्चा हुई। इन बैठकों में जैव ईंधन, एयरोस्पेस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल इनोवेशन और एडवांस विनिर्माण जैसे अत्याधुनिक विषयों पर सहयोग की संभावनाएं तलाशी गईं।
प्राप्त प्रस्तावों में कई बड़े औद्योगिक घरानों की योजनाएं शामिल हैं। टेक्सटाइल क्षेत्र में बेस्टकोर्प द्वारा ₹167 करोड़ (5,750 रोजगार) और इंडो अकॉर्ड अपैरेल्स द्वारा ₹500 करोड़ का निवेश प्रमुख है। वहीं, रक्षा और तकनीकी क्षेत्र में ब्रह्मास्त्र एक्सप्लोसिव एंड एम्युनिशन प्राइवेट लिमिटेड ने ₹5,030 करोड़ (5,000 रोजगार) और सिटाक रे प्राइवेट लिमिटेड ने डेटा सेंटर के लिए ₹5,000 करोड़ के बड़े प्रस्ताव दिए हैं। इसके साथ ही सनब्रिज डिफेंस ने ₹3,300 करोड़ और सीमेंस एनर्जी ने ट्रांसफॉर्मर विनिर्माण के लिए ₹2,060 करोड़ के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है।