हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी सुरक्षा तैयारियों को पुख्ता करते हुए भारतीय नौसेना ने अपने बेड़े में एक और आधुनिक एमएच-60आर सीहॉक हेलीकॉप्टर को शामिल कर लिया है। भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग के तहत हुई इस आपूर्ति को अमेरिकी दूतावास ने दोनों महाशक्तियों के साझा सैन्य प्रयासों में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया है। वहीं, भारत में अमेरिकी राजनयिक सर्जियो गोर ने इस रक्षा आपूर्ति का स्वागत करते हुए इसे दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के लिए एक बेहतरीन और उत्साहजनक घटनाक्रम माना है।
इस रणनीतिक आपूर्ति की विस्तृत जानकारी देते हुए नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर एक पोस्ट साझा किया। इसमें बताया गया कि अमेरिकी रक्षा निर्माता लॉकहीड मार्टिन द्वारा विकसित यह अत्याधुनिक नौसैनिक हेलीकॉप्टर भारत आ चुका है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, पिछले हफ्ते कोच्चि में इसे भारतीय नौसेना के हवाले किया गया था, जबकि आगामी कुछ दिनों के भीतर दो अन्य सीहॉक हेलीकॉप्टर भी भारत पहुंचने वाले हैं। दूतावास ने भरोसा जताया कि यह घटनाक्रम भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी की निरंतर बढ़ती मजबूती को प्रदर्शित करता है।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस सैन्य प्रगति पर संतोष जाहिर करते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह डिलीवरी अमेरिका और भारत के बीच विकसित हो रहे प्रगाढ़ रक्षा संबंधों की दिशा में एक बड़ी खुशखबरी है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इन आधुनिक सैन्य उपकरणों के बेड़े में शामिल होने से समुद्री मोर्चे पर सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत सुदृढ़ हो रही है, जिससे मुक्त और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के साझा वैश्विक दृष्टिकोण को धरातल पर उतारने में दोनों देशों को मदद मिल रही है।
उल्लेखनीय है कि अपनी नौसैनिक युद्धक क्षमता में रणनीतिक विस्तार करने के लिए भारत ने अमेरिकी प्रशासन के साथ कुल 24 एमएच-60आर सीहॉक हेलीकॉप्टरों की खरीद की आधिकारिक डील की थी। इसी समझौते के तहत अमेरिका द्वारा सिलसिलेवार ढंग से इन हेलीकॉप्टरों की खेप भारत भेजी जा रही है। भारतीय नौसेना इन बहुउपयोगी हेलीकॉप्टरों को अपने विभिन्न युद्धपोतों पर तैनात करेगी। इस तैनाती के बाद हिंद महासागर में दुश्मन की पनडुब्बियों पर नजर रखने, समुद्री सीमाओं की निगरानी करने और समग्र समुद्री सुरक्षा को अभेद्य बनाने में भारतीय सेना को बड़ी मदद मिलेगी।
रक्षा क्षेत्र के जानकारों का मत है कि हिंद-प्रशांत महासागरीय क्षेत्र में उभरते सामरिक असंतुलन और चुनौतियों के बीच एमएच-60आर हेलीकॉप्टरों की यह समयबद्ध तैनाती भारतीय नौसेना की वास्तविक परिचालन और युद्धक क्षमता को नई ताकत देगी। इसके साथ ही, रक्षा सामग्री की यह सफल डिलीवरी भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच तेजी से प्रगाढ़ होते रणनीतिक और सैन्य संबंधों की प्रगाढ़ता को भी स्पष्ट रूप से रेखांकित करती है।
विशेषताओं की बात करें तो एमएच-60आर सीहॉक दुनिया के सबसे बेहतरीन और बहुआयामी सैन्य हेलीकॉप्टरों की श्रेणी में शुमार है। इस हेलीकॉप्टर को पनडुब्बी रोधी युद्ध (एएसडब्ल्यू), सतही युद्ध प्रणालियों, समुद्री टोह, राहत व बचाव अभियानों समेत अत्यंत जटिल नौसैनिक कार्रवाइयों को कुशलतापूर्वक अंजाम देने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है। हाई-टेक रडार, सोनार तकनीक, उन्नत इलेक्ट्रॉनिक सेंसर्स और आधुनिक हथियार प्रणालियों से लैस होने के कारण यह हेलीकॉप्टर भारतीय नौसेना की टोही क्षमता और मारक क्षमता को अत्यधिक प्रभावी बना देगा।