ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय पैरा एथलीट शर्मिला धनखड़ ने महिलाओं की शॉटपुट एफ57 स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल कर इतिहास रच दिया है। पैरा एथलेटिक्स में देश को पहला राष्ट्रमंडल खेल गोल्ड दिलाने वाली इस ऐतिहासिक सफलता पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों समेत प्रमुख राष्ट्रीय नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
स्वर्ण पदक जीतने के उपरांत समाचार एजेंसी से संवाद करते हुए शर्मिला ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देश के प्रतिनिधित्व के साथ पदक जीतना उनके लिए किसी सपने के साकार होने जैसा है। उन्होंने भविष्य में और अधिक मेहनत करने और आगामी राष्ट्रमंडल खेलों के लिए बेहतर तैयारी का संकल्प जताया, साथ ही भारतीय दल के सभी खिलाड़ियों के लिए स्वर्ण पदक जीतने की आकांक्षा प्रकट की।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ के माध्यम से अपना संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि पैरा एथलेटिक्स में भारत की ओर से पहला राष्ट्रमंडल खेल स्वर्ण पदक जीतकर शर्मिला ने एक नया अध्याय लिखा है। राष्ट्रपति के अनुसार, यह सफलता देश के युवा खिलाड़ियों को अपने-अपने क्षेत्रों में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगी।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा करते हुए शर्मिला को इस जीत की बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस शानदार प्रदर्शन ने वैश्विक मंच पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाई है और यह आने वाली पीढ़ियों के एथलीटों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगी। उन्होंने खिलाड़ी के उज्ज्वल भविष्य और निरंतर सफलताओं की कामना की।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने राज्य की पैरा एथलीट को एफ57 श्रेणी में 9.81 मीटर शॉटपुट फेंककर शीर्ष स्थान हासिल करने पर बधाई दी और कहा कि इस प्रदर्शन ने पूरे देश और हरियाणा प्रदेश का मान बढ़ाया है। वहीं, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘एक्स’ पर लिखा कि राष्ट्रमंडल खेलों की पैरा एथलेटिक्स स्पर्धा में पहला स्वर्ण पदक जीतकर शर्मिला ने इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया है, और उनका साहस तथा परिश्रम करोड़ों देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने ‘एक्स’ पर अपने वक्तव्य में कहा कि इस जीत ने भारत के गौरव में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ा है, जो एथलीट के अटूट संकल्प और कठिन परिश्रम का परिणाम है। इसके अलावा, कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने भी सोशल मीडिया के जरिए बधाई देते हुए शर्मिला के अदम्य साहस की सराहना की और भविष्य में भी नए कीर्तिमान स्थापित करने की प्रार्थना की।