संसद के मानसून सत्र के दौरान 28 जुलाई को दोनों सदनों में दो अत्यंत महत्वपूर्ण विधेयकों पर विधायी कार्य पूरा किया जाएगा। लोकसभा में आज प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से लाए गए ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पर विस्तार से चर्चा होगी, जिसके बाद इसे पारित कराया जाएगा। वहीं दूसरी ओर, उच्च सदन यानी राज्यसभा में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों से जुड़ा MSME संशोधन विधेयक पेश किया जाना तय हुआ है।
लोकसभा की कार्यवाही सुबह नियमानुसार प्रश्नकाल के साथ शुरू होगी। इसके तुरंत बाद कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक, 2026 को चर्चा और पारित कराने के लिए सदन के पटल पर रखेंगे। उल्लेखनीय है कि सोमवार को विपक्ष के भारी हंगामे के बीच यह विधेयक पेश किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य वर्ष 2024 के मूल कानून को और अधिक कठोर बनाकर देश की परीक्षा प्रणाली को पूर्णतः पारदर्शी बनाना है। आज के कार्य एजेंडा में यह लोकसभा का एकमात्र विधायी कार्य शामिल है।
निचले सदन में अन्य कार्यों के तहत केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा एम्स (AIIMS) गुवाहाटी के बोर्ड के लिए लोकसभा से एक सदस्य चुनने से संबंधित प्रस्ताव पेश करेंगे। इसके अतिरिक्त, कई विभागों के मंत्री अपने-अपने मंत्रालयों से जुड़े दस्तावेज पटल पर रखेंगे तथा दो प्रमुख संसदीय स्थायी समितियों की रिपोर्ट भी सदन के सम्मुख प्रस्तुत की जाएगी।
राज्यसभा में आज की विधायी गतिविधियों की बात करें तो केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ‘माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज डेवलपमेंट (अमेंडमेंट) बिल, 2026’ को पेश करेंगे। यह विधेयक मूल एमएसएमई विकास अधिनियम, 2006 में आवश्यक सुधारों के उद्देश्य से लाया जा रहा है। इसके साथ ही, उच्च सदन में ‘प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर (अमेंडमेंट) बिल, 2026’ पर आगे की विचार-विमर्श प्रक्रिया जारी रहेगी, जिसे पारित कराने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पटल पर रखेंगे।
इससे पूर्व सोमवार को लोकसभा में विपक्षी दलों के तीव्र विरोध और नारेबाजी के कारण विधायी कार्य प्रभावित हुआ था, जिसके चलते सदन को दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। विपक्ष 20 जुलाई को आयोजित ‘संसद चलो’ आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विषय पर सरकार को घेर रहा है। दूसरी तरफ, केंद्र सरकार का कहना है कि वह पेपर लीक की समस्या को लेकर गंभीर है और कठोर कानून बनाकर व्यवस्था सुधारने के प्रति प्रतिबद्ध है। दोनों सदनों की आज की कार्यवाही से यह तय होगा कि आगामी दिनों में सत्र की दिशा क्या रहेगी।