सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड ने 30 जून 2026 को समाप्त चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के वित्तीय परिणाम जारी कर दिए हैं। इस अवधि में कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 0.6 प्रतिशत की मामूली वृद्धि के साथ 8,852 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जबकि बीते वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह आंकड़ा 8,797 करोड़ रुपये था।
आय के मोर्चे पर कंपनी को अच्छी बढ़त हासिल हुई है। बिक्री में तेजी के बल पर समीक्षाधीन तिमाही के दौरान कोल इंडिया का परिचालन राजस्व 7.8 प्रतिशत बढ़कर 46,255 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी ने 42,919 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया था। हालांकि, इस राजस्व वृद्धि के बावजूद कंपनी के कामकाजी प्रदर्शन यानी ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस पर दबाव स्पष्ट रूप से देखा गया।
कंपनी के कामकाजी मुनाफे (EBITDA) में इस दौरान गिरावट दर्ज की गई। अप्रैल-जून तिमाही में ईबीआईटीडीए 4.1 प्रतिशत घटकर 12,069 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही में 12,588 करोड़ रुपये था। ऑपरेटिंग प्रॉफिट में आई इस कमी के कारण कंपनी का ईबीआईटीडीए मार्जिन भी सालाना आधार पर 29.3 प्रतिशत से घटकर 26.1 प्रतिशत पर आ गया।
वित्तीय नतीजों की घोषणा के साथ ही कोल इंडिया के निदेशक मंडल ने शेयरधारकों के लिए 5.50 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम डिविडेंड (लाभांश) को मंजूरी दी है। इस लाभांश के लिए पात्रता निर्धारण हेतु 31 जुलाई 2026 की तिथि को रिकॉर्ड डेट तय किया गया है। योग्य निवेशकों के खातों में डिविडेंड की राशि का भुगतान 25 अगस्त 2026 को या उससे पहले पूरा कर दिया जाएगा।
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को शेयर बाजार में कोल इंडिया के शेयर में सुस्ती देखी गई। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर कंपनी का शेयर महज 0.02 प्रतिशत की हल्की बढ़त के साथ 427.50 रुपये पर बंद हुआ। इस दौरान व्यापक बाजार की तुलना में इसका प्रदर्शन कमजोर रहा, क्योंकि बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी में 0.96 प्रतिशत की मजबूती देखने को मिली। कारोबार के दौरान शेयर 429.50 रुपये पर खुला और 425.75 रुपये के निचले स्तर से 431 रुपये के उच्चतम स्तर के बीच घूमता रहा।
दीर्घकालिक प्रदर्शन के लिहाज से, पिछले 52 हफ्तों के दौरान कोल इंडिया के शेयर ने 368.65 रुपये का निचला स्तर और 491.25 रुपये का उच्च स्तर छुआ है। बाजार के उतार-चढ़ाव के बावजूद पिछले एक साल में इस स्टॉक ने अपने निवेशकों को लगभग 12.26 प्रतिशत का सकारात्मक रिटर्न दिया है। वर्तमान में कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) करीब 2.43 लाख करोड़ रुपये है, जबकि इसका प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) अनुपात 7.58 दर्ज है।