इंदौर पुलिस का नया विश्व कीर्तिमान: 1.75 लाख से अधिक लोगों ने ली नशामुक्ति की ई-शपथ

इंदौर पुलिस का नया विश्व कीर्तिमान: 1.75 लाख से अधिक लोगों ने ली नशामुक्ति की ई-शपथ

इंदौर पुलिस कमिश्नरेट ने 28 जुलाई 2026 को नशामुक्ति अभियान के तहत एक नया इतिहास रचा है। मध्यप्रदेश पुलिस के प्रदेशव्यापी कार्यक्रम “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” के अंतर्गत आयोजित इस विशेष आयोजन में 1,75,451 नागरिकों ने एक साथ ऑनलाइन ई-शपथ लेकर विश्व रिकॉर्ड कायम किया। इंदौर पुलिस आयुक्त कार्यालय में आयोजित मुख्य कार्यक्रम के दौरान पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने सभी प्रतिभागियों को समाज को नशामुक्त बनाने और इसके विरुद्ध जनजागरूकता फैलाने का संकल्प दिलाया।

इस वृहद आयोजन में जनभागीदारी का अभूतपूर्व स्तर देखने को मिला। राज्य के सबसे बड़े ई-शपथ कार्यक्रम में शहर के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों, शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों व शिक्षकों, पुलिस अधिकारियों, पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों, होमगार्ड, शासकीय एवं निजी प्रतिष्ठानों, कॉर्पोरेट कार्यालयों, पुनर्वास केंद्रों और सामाजिक संगठनों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा बड़ी संख्या में आम नागरिकों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने भी ऑनलाइन जुड़कर नशे से दूर रहने का संकल्प दोहराया।

कार्यक्रम के सुचारू संचालन के लिए पुलिस आयुक्त कार्यालय से डिजिटल माध्यमों का व्यापक उपयोग किया गया। ज़ूम, यूट्यूब लाइव और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए शहर की विभिन्न पुलिस इकाइयों, थानों, पुलिस लाइन, आरएपीटीसी और बटालियन पीटीसी को एक साथ जोड़ा गया, जिससे दूर-दराज के प्रतिभागी भी इस सामूहिक अभियान का हिस्सा बन सके।

इंदौर पुलिस ने इस उपलब्धि के साथ अपने ही पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया है। इससे पूर्व, वर्ष 2025 में इस अभियान के पहले चरण के दौरान इंदौर पुलिस कमिश्नरेट ने 85,003 नागरिकों को एक साथ ई-शपथ दिलाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। इस वर्ष 1,75,451 लोगों की सहभागिता ने उस आंकड़े को काफी पीछे छोड़ते हुए एक नया मानक स्थापित किया है।

आयोजन की प्रामाणिकता और प्रतिभागियों की संख्या का सत्यापन ‘वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन’ की प्रतिनिधि टीम द्वारा किया गया। प्रक्रिया की पुष्टि के बाद संस्था ने नए विश्व रिकॉर्ड की आधिकारिक घोषणा की और इंदौर पुलिस कमिश्नरेट को प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

मध्यप्रदेश पुलिस का “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान केवल कानूनी कार्रवाई तक सीमित नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य सामुदायिक सहभागिता, व्यापक जनजागरूकता और युवाओं को सही मार्गदर्शन प्रदान करना है। इस अभियान के माध्यम से प्रदेश भर के शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों को जोड़कर नशे के खिलाफ एक प्रभावी जनआंदोलन खड़ा किया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *