केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में ‘सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित साधन रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ के पास होने पर देशभर के अभ्यर्थियों को बधाई दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नया कानून परीक्षाओं में पारदर्शिता लाएगा और देश के युवाओं की मेहनत और उनके सपनों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करेगा।
विधेयक के पारित होने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी बात रखते हुए गृह मंत्री ने कहा कि यह कदम भारत के छात्र समुदाय के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जो भी तत्व परीक्षाओं की निष्पक्षता से खिलवाड़ करने या अनुचित साधनों का सहारा लेने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ इस कानून के तहत अत्यंत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
अमित शाह ने इस बात पर विशेष बल दिया कि इस विधायी संशोधन का मुख्य उद्देश्य प्रतियोगी व सार्वजनिक परीक्षाओं की विश्वसनीयता, निष्पक्षता और पवित्रता को बनाए रखना है। इसके माध्यम से एक ऐसा तंत्र तैयार किया जा रहा है जिससे मेधावी और ईमानदार अभ्यर्थियों के अधिकार पूरी तरह सुरक्षित रहें।
पारदर्शिता के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा कि मोदी सरकार युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं करेगी। छात्रों के करियर को जोखिम में डालने वाले किसी भी व्यक्ति या गिरोह से कानून पूरी सख्ती से निपटेगा और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाना सुनिश्चित किया जाएगा।
माना जा रहा है कि इस नए विधायी ढांचे के प्रभाव में आने से देश की परीक्षा प्रणाली में सेंध लगाने वाली गतिविधियों पर लगाम लगेगी। इससे न केवल अनुचित साधनों के प्रयोग पर रोक लगेगी, बल्कि ईमानदारी से तैयारी करने वाले लाखों परीक्षार्थियों का व्यवस्था में विश्वास भी मजबूत होगा।