विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की ओर से हुई निरंतर खरीदारी के दम पर गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे दिन बढ़त के साथ हरे निशान पर बंद हुआ। वैश्विक बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच घरेलू शेयर बाजार के मुख्य सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी, दोनों में सुधार दर्ज किया गया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 273.55 अंक यानी 0.35 प्रतिशत चढ़कर 77,928.15 के स्तर पर पहुंचा, जबकि निफ्टी 66.95 अंक यानी 0.28 प्रतिशत की मजबूती लेकर 24,317.15 पर बंद हुआ।
मुख्या सूचकांकों में आई इस तेजी के विपरीत व्यापक बाजार (ब्रॉड मार्केट) का प्रदर्शन कुछ सुस्त नजर आया। इस दौरान निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.35 प्रतिशत की नरमी रही, वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांक भी 0.56 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ।
क्षेत्रवार प्रदर्शन की बात करें तो निफ्टी ऑटो सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाला सेक्टर रहा, जिसमें 1.63 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा ऑयल एंड गैस, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मीडिया और आईटी से जुड़े निफ्टी सूचकांक भी मजबूती दर्शाते हुए हरे निशान में कारोबार समाप्त करने में सफल रहे।
दूसरी ओर, रियल एस्टेट क्षेत्र पर बिकवाली का भारी दबाव देखा गया और निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 2 प्रतिशत टूटकर सबसे ज्यादा गिरावट वाला सेक्टर बना। इसके साथ ही फाइनेंशियल सर्विसेज, एफएमसीजी, प्राइवेट बैंक और फार्मा सेक्टर से संबंधित निफ्टी इंडेक्स भी गिरावट के साथ बंद हुए।
निफ्टी 50 के घटक शेयरों में एम एंड एम, कोल इंडिया, आयशर मोटर्स, मारुति सुजुकी, टीएमपीवी और विप्रो बढ़त हासिल करने वाले प्रमुख नाम रहे। इसके विपरीत, एचडीएफसी लाइफ, श्रीराम फाइनेंस, एसबीआई लाइफ, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज और इंडिगो के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
बाजार में इस सकारात्मक माहौल को कई कारकों से समर्थन मिला। विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से पूंजी प्रवाह जारी रहने, भारतीय रुपये में आई मजबूती और वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के बेहतर कॉरपोरेट नतीजों ने निवेशकों के भरोसे को मजबूती दी। इसी का परिणाम रहा कि बाजार में निचले स्तरों पर निवेशकों ने चुनिंदा मजबूत शेयरों में खरीदारी करने के अवसर का पूरा लाभ उठाया।