सेमीकॉन 2.0 और सी2एस योजना से भारत में चिप डिजाइन व विनिर्माण के लिए तैयार हो रही कुशल युवाओं की नई पीढ़ी

सेमीकॉन 2.0 और सी2एस योजना से भारत में चिप डिजाइन व विनिर्माण के लिए तैयार हो रही कुशल युवाओं की नई पीढ़ी

केंद्र सरकार ने सेमीकंडक्टर उद्योग की संपूर्ण वैल्यू चेन—जिसमें चिप डिजाइन, निर्माण, असेंबली, टेस्टिंग और पैकेजिंग शामिल हैं—की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक विशाल कुशल मानव संसाधन आधार तैयार करने की पहल की है। 15 जुलाई 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 1.275 लाख करोड़ रुपये के बजट आवंटन के साथ अनुमोदित ‘सेमीकॉन 2.0’ योजना का मुख्य ध्यान उन्नत अनुसंधान और विनिर्माण के लिए प्रतिभाओं को तराशने पर केंद्रित है।

देश में प्रतिभा विकास के तहत ‘चिप्स टू स्टार्टअप’ (C2S) योजना के माध्यम से विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेजों और संस्थानों को उन्नत चिप डिजाइन टूल्स बिना किसी शुल्क के मुहैया कराए गए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इन टूल्स का इस्तेमाल 240 लाख घंटों से अधिक समय तक किया जा चुका है। इस परियोजना के अंतर्गत 68,000 से अधिक लोगों को चिप डिजाइनिंग में प्रशिक्षित किया गया है और अब तक 175 चिप डिजाइन सफलतापूर्वक टेप-आउट की प्रक्रिया पूर्ण कर चुके हैं।

उच्च तकनीकी कौशल प्रदान करने के उद्देश्य से NIELIT कालीकट की ‘स्मार्ट लैब’ में वीएलएसआई, एम्बेडेड सिस्टम्स और आईओटी (IoT) जैसे विषयों में 1 लाख से अधिक इंजीनियरों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। वहीं, शैक्षणिक स्तर पर सेमीकंडक्टर क्षेत्र को मजबूती देने के लिए AICTE ने स्नातक, डिप्लोमा और माइनर डिग्री के लिए नए सिलेबस की शुरुआत की है।

सेमीकंडक्टर निर्माण के साथ-साथ असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग एवं पैकेजिंग (ATMP) के क्षेत्र में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग देने हेतु NIELIT गुवाहाटी में आधुनिक लैब का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही, लैम रिसर्च के सहयोग से अगले 10 वर्षों के दौरान 60,000 प्रशिक्षित विशेषज्ञों का बड़ा कार्यबल तैयार करने का लक्ष्य तय किया गया है।

सरकार ने निजी और औद्योगिक क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देते हुए फ्यूचरस्किल्स प्राइम, नामटेक और आईबीएम जैसी संस्थाओं के साथ करार किए हैं, जिससे कौशल विकास, इंटर्नशिप और रिसर्च को मजबूती मिल रही है। इसके अलावा, अमेरिका के प्रतिष्ठित पर्ड्यू विश्वविद्यालय तथा एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी के साथ किए गए अंतरराष्ट्रीय समझौतों के माध्यम से संयुक्त अनुसंधान और वैश्विक स्तर का मानव संसाधन तैयार किया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *