भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने ओडिशा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की अंतिम तिथि को आगे बढ़ा दिया है। आयोग द्वारा लिए गए इस फैसले के बाद अब राज्य के नागरिक 19 अगस्त तक अपनी दावे और आपत्तियां दाखिल कर सकेंगे।
निर्वाचन आयोग ने पूर्व में 14 मई को जारी एक आदेश के जरिए देश के 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इस ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ अभियान की घोषणा की थी। इसी प्रक्रिया के तहत ओडिशा में 5 जुलाई को मतदाता सूची का प्रारंभिक मसौदा (ड्राफ्ट) जारी किया गया था। शुरुआत में दावों और आपत्तियों को दर्ज कराने की समयसीमा 5 जुलाई से 4 अगस्त तक निर्धारित की गई थी।
हालांकि, ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने 30 जुलाई को आयोग से इस समय सीमा को बढ़ाने का अनुरोध किया था। इस आवेदन पर विचार करते हुए आयोग ने ‘मतदाता पंजीकरण नियम, 1960’ के नियम 12 के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग किया और आवेदन की तिथि को विस्तारित करने का निर्णय लिया। यह पूरी पुनरीक्षण प्रक्रिया 1 जुलाई को अर्हता तिथि (क्वालीफाइंग डेट) मानकर संचालित की जा रही है।
आयोग द्वारा 31 जुलाई को जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण के मूल कार्यक्रम में संशोधन किया गया है। नए शेड्यूल के तहत 5 अगस्त से 19 अगस्त के बीच दावे और आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी। इसके उपरांत, संबंधित नोटिस जारी करने और प्राप्त दावों व आपत्तियों का निस्तारण करने की प्रक्रिया 17 सितंबर तक संपन्न होगी। पूरी प्रक्रिया के बाद 21 सितंबर को संशोधित मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, निर्वाचन आयोग ने राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों को इस अधिसूचना को राज्य के असाधारण राजपत्र (गज़ट) में प्रकाशित करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। आधिकारिक अभिलेखों के लिए आयोग ने इसकी तीन प्रतियां भेजने के निर्देश भी दिए हैं। आयोग ने राज्य सरकार से यह भी कहा है कि आम मतदाताओं की सुविधा के लिए इस संशोधित कार्यक्रम का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए।