भारतीय शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन तेजी का सिलसिला जारी, सेंसेक्स और निफ्टी में जोरदार उछाल

भारतीय शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन तेजी का सिलसिला जारी, सेंसेक्स और निफ्टी में जोरदार उछाल

वैश्विक स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की उम्मीदों से कच्चे तेल के दामों में आई नरमी ने सोमवार को भारतीय शेयर बाजार को मजबूती प्रदान की। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार लगातार चौथे सत्र में बढ़त दर्ज करते हुए बंद हुआ, जहां सेंसेक्स 0.70 प्रतिशत और निफ्टी 50 सूचकांक 1.60 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुए।

ट्रेडिंग बंद होने के समय बीएसई सेंसेक्स 544.39 अंक चढ़कर 78,639 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 50 सूचकांक 390.70 अंक बढ़कर 24,774.30 के स्तर पर पहुंच गया। इस दौरान मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों में भी लिवाली का माहौल रहा, जिसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 में 1.21 प्रतिशत और स्मॉलकैप 100 सूचकांक में 1.29 प्रतिशत का इजाफा हुआ।

विभिन्न क्षेत्रों के प्रदर्शन की बात करें तो 3.09 प्रतिशत लुढ़कने वाले निफ्टी मीडिया को छोड़कर सभी क्षेत्रीय इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। आईटी सेक्टर में सबसे अधिक 3.28 प्रतिशत का उछाल आया। इसके बाद प्राइवेट बैंक, एफएमसीजी, मेटल, ऑटो और पीएसयू बैंक सूचकांकों में 1.43 प्रतिशत से लेकर 1.90 प्रतिशत तक की मजबूती देखी गई। निफ्टी 50 में शामिल कंपनियों में ग्रासिम इंडस्ट्रीज, टीसीएस, इंडिगो, इंफोसिस, श्रीराम फाइनेंस और एक्सिस बैंक टॉप गेनर्स रहे, वहीं दूसरी तरफ अपोलो हॉस्पिटल्स, सन फार्मा, मारुति सुजुकी, ओएनजीसी, टेक महिंद्रा और भारती एयरटेल में सबसे ज्यादा बिकवाली दर्ज की गई।

लगातार चार सत्रों की इस रिकवरी में सेंसेक्स 1,850 अंक (2.44%) और निफ्टी 50 करीब 800 अंक (3.3%) चढ़ चुका है। सोमवार के एकल सत्र में ही बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का मार्केट कैप लगभग 486 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 490 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया, जिससे निवेशकों ने लगभग 4 लाख करोड़ रुपये कमाए। 28 जुलाई को कुल मार्केट कैप 479 लाख करोड़ रुपये था, जिसके मुकाबले बीते चार कारोबारी दिनों में निवेशकों की कुल पूंजी 11 लाख करोड़ रुपये बढ़ी है।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक उतार-चढ़ाव के बीच घरेलू बाजार का प्रदर्शन सराहनीय रहा है। वर्तमान में बाजार का रुख चुनिंदा शेयरों पर आधारित है, जहां लार्ज-कैप शेयर पोर्टफोलियो को मजबूती प्रदान कर रहे हैं और बेहतर फंडामेंटल वाले मिड-कैप व स्मॉल-कैप शेयर दीर्घकालिक विकास की संभावना दिखा रहे हैं। इसके अलावा, आगामी दिनों में बाजार सहभागियों की नजरें रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक पर रहेंगी, जहां ब्याज दरें स्थिर रहने का अनुमान जताया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में कॉरपोरेट मुनाफा, केंद्रीय बैंक की नीति, विदेशी संस्थागत निवेश का प्रवाह और आर्थिक आंकड़े बाजार की आगे की दिशा तय करेंगे। निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे बाजार के अल्पकालिक उतार-चढ़ाव पर प्रतिक्रिया देने की जगह मजबूत कंपनियों पर ध्यान केंद्रित करें और एक अनुशासित व विविधीकृत निवेश दृष्टिकोण अपनाएं।

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