आज यानी मंगलवार सुबह संसद के जी.एम.सी. बालयोगी ऑडिटोरियम (संसद पुस्तकालय भवन) में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के संसदीय दल की ‘मंगल मिलन’ बैठक आयोजित की जा रही है। इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई केंद्रीय मंत्रियों और एनडीए के सांसदों की उपस्थिति रहेगी। बैठक का मुख्य उद्देश्य मॉनसून सत्र के बचे हुए 10 दिनों के लिए सत्ताधारी गठबंधन की विधायी रणनीति तय करना और घटक दलों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संसदीय कार्यालय की तरफ से लोकसभा और राज्यसभा के सभी एनडीए सांसदों को एक आधिकारिक संदेश भेजकर बैठक में उपस्थित रहने का आग्रह किया गया है। जारी किए गए नोट में कहा गया है कि सभी माननीय सदस्य समय निकालकर निर्धारित स्थल पर समय से पहुंचें। संसद में भाजपा कार्यालय सचिव के अनुसार, यह बैठक सुबह 9:30 बजे शुरू होगी।
इस रणनीतिक बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी और केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह भी उपस्थित रहेंगे। इनके साथ ही एनडीए के अन्य सहयोगी दलों के प्रमुख सांसद भी विचार-विमर्श में हिस्सा लेंगे।
दरअसल, ‘मंगल मिलन’ एनडीए संसदीय दल के उस साप्ताहिक सत्र का ही नया रूप है, जिसे सकारात्मक संवाद और गठबंधन के बीच बेहतर तालमेल को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया जाता है। इस आयोजन के माध्यम से संसद के दैनिक कामकाज के प्रबंधन, विभिन्न मुद्दों पर सर्वसम्मति बनाने और सहयोगी दलों के साथ समन्वय बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।
यह बैठक चर्चाओं में एनडीए सांसदों की भागीदारी को बढ़ावा देती है और शिवसेना, एलजेपी, टीडीपी, जेडीयू जैसी प्रमुख क्षेत्रीय पार्टियों तथा अन्य सहयोगियों के बीच बोलने की जिम्मेदारियां बांटने में मदद करती है। इससे सांसदों को सदन की बहसों में अधिक प्रभावी भूमिका निभाने का अवसर मिलता है।
गौरतलब है कि इससे पहले 28 जुलाई को हुई ‘मंगल मिलन’ बैठक में नेशनल नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) की सांसद काकोली घोष, शताब्दी रॉय और सायोनी घोष पहली बार शामिल हुई थीं। पूर्व में तृणमूल कांग्रेस में रहीं इन सांसदों और एनसीपीआई के अन्य सदस्यों ने सत्ताधारी गठबंधन के व्यवस्थित कामकाज की खुलकर सराहना की थी।