मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक में राज्य के विकास को गति देने वाले 32,070 करोड़ रुपये के महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सहमति बनी। इसमें सहकारिता से जुड़े किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए ‘कवच योजना’ का अनुमोदन करने के साथ-साथ स्वास्थ्य, खेल, सूचना प्रौद्योगिकी और शिक्षा क्षेत्र के लिए दीर्घकालिक वित्तीय सहायता मंजूर की गई।
कवच योजना से 5 हजार किसानों को मिलेगा नया ऋण सहकारी समितियों के लगभग 5,000 ऐसे किसान, जिनके ऋण खातों में गड़बड़ी की जांच लंबित होने के कारण वे सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे थे, उन्हें ‘कवच योजना’ के जरिए मुख्यधारा में लाया जाएगा। इसके तहत अपैक्स और जिला सहकारी बैंक मिलकर 50 करोड़ रुपये का फंड बनाएंगे, जबकि राज्य सरकार 25 करोड़ रुपये की एकमुश्त अंशपूंजी सहायता प्रदान करेगी।
स्वास्थ्य अवसंरचना के लिए बड़ा वित्तीय आवंटन (1 अप्रैल 2026 – 31 मार्च 2031):
- अस्पताल संचालन: जिला व सिविल अस्पतालों और औषधालयों के सुचारू प्रबंधन हेतु 12,517.99 करोड़ रुपये।
- प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल: उप स्वास्थ्य, प्राथमिक और सामुदायिक केंद्रों में निशुल्क इलाज, भोजन व दवाओं की व्यवस्था के लिए 11,812.02 करोड़ रुपये।
- पीएम-अभीम मिशन: क्रिटिकल केयर ब्लॉक, लैब नेटवर्क और स्वास्थ्य आपदाओं से निपटने की तैयारी के लिए 2,448.79 करोड़ रुपये।
- वेक्टर जनित रोग नियंत्रण: मलेरिया, डेंगू आदि के प्रभावी नियंत्रण हेतु 1,704.81 करोड़ रुपये।
खेल बुनियादी ढांचे का विस्तार प्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं देने के उद्देश्य से वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक 2,460.57 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे मौजूद खेल ढांचे का उन्नयन होगा, नए स्टेडियम बनेंगे और विश्वस्तरीय उपकरण स्थापित किए जाएंगे।
डिजिटल गवर्नेंस और शिक्षकों को लाभ
- स्टेट डाटा सेंटर (SDC): विभिन्न विभागों की ऑनलाइन सेवाओं, डेटा सुरक्षा और ई-गवर्नेंस को सुचारू रखने के लिए MPSEDC द्वारा संचालित डाटा सेंटर हेतु 1,099.58 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।
- चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान: जनजातीय कार्य विभाग के सहायक, उच्च श्रेणी, प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों को 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर 1 जुलाई 2023 से चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान देने का निर्णय लिया गया।