मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित राज्यव्यापी अभियान “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” के तहत शासकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी), रेल इकाई इंदौर ने 21 जुलाई 2026 को 16 रेलवे स्टेशनों पर एक साथ 4,013 नागरिकों को जोड़कर मानव श्रृंखला बनाई और नशामुक्ति का संदेश दिया। इस ऐतिहासिक पहल को ‘वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन (यूनाइटेड किंगडम)’ ने आधिकारिक सम्मान से नवाजा है। यह अंतरराष्ट्रीय पहचान जनसहभागिता के जरिए नशामुक्त समाज के निर्माण में पुलिस के नवीन और प्रभावी सामाजिक जागरूकता प्रयासों को दर्शाती है।
इस बड़े आयोजन में इंदौर, उज्जैन, रतलाम, नागदा, नीमच, मेघनगर, शामगढ़, ब्यावरा, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, शाजापुर, मक्सी, देवास, डॉ. अम्बेडकर नगर तथा चंद्रावतीगंज रेलवे स्टेशन शामिल रहे। इन सभी स्थानों पर एक ही समय में हजारों नागरिकों ने एकजुट होकर एक स्वर में नशामुक्त भारत का निर्माण करने की शपथ ली।
जन-जागरूकता के इस कार्यक्रम में समाज के प्रत्येक वर्ग ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। स्कूली विद्यार्थियों, रेल यात्रियों, कुलियों, रेलवे वेंडरों, स्वच्छता कर्मियों और ऑटो चालकों ने अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई। इस दौरान “नशे से दूरी है ज़रूरी”, “नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो” और “स्वस्थ युवा, सशक्त भारत” जैसे नारों के माध्यम से आम जनता को नशे के घातक परिणामों के प्रति सचेत किया गया।
उल्लेखनीय है कि “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान के अंतर्गत सार्वजनिक भागीदारी वाले नवाचारों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार सराहना मिल रही है। इससे पहले इंदौर क्षेत्र में दो बार, बड़वानी, बुरहानपुर और बालाघाट में आयोजित कार्यक्रमों को भी वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा विश्व रिकॉर्ड का दर्जा दिया जा चुका है। जीआरपी इंदौर को मिला यह ताजा सम्मान इस श्रृंखला में एक नया मील का पत्थर है।
यह उपलब्धि मध्यप्रदेश पुलिस के लोक कल्याणकारी दृष्टिकोण और नशामुक्त समाज के गठन के लिए राज्य की जनता की व्यापक सहभागिता का एक वैश्विक उदाहरण है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी जनसुरक्षा के साथ-साथ ऐसे अभियानों के जरिए सामाजिक चेतना जगाने का कार्य जारी रखा जाएगा।