बलराम कृषि महोत्सव: ‘कवच योजना’ के जरिए किसानों को मुख्यधारा में लाएगी सरकार

बलराम कृषि महोत्सव: ‘कवच योजना’ के जरिए किसानों को मुख्यधारा में लाएगी सरकार

भोपाल स्थित मंत्रालय से नर्मदापुरम के बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को राज्य सरकार की किसान हितैषी प्राथमिकताओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ‘किसान कल्याण वर्ष’ के अंतर्गत प्रदेश सरकार की नीतियां सीधे किसानों के खेतों और बैंक खातों तक लाभ पहुंचा रही हैं। पूर्ववर्ती कैबिनेट बैठक में पास की गई ऐतिहासिक ‘कवच योजना’ का विवरण देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि सहकारी बैंकों की पुरानी अनियमितताओं या जांच में विलंब के कारण जो किसान लाभ से वंचित रह गए थे, उन्हें अब नया कर्ज और योजनाओं का सीधा फायदा दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदापुरम में आयोजित यह 11वां कार्यक्रम किसानों से संवाद का एक सशक्त माध्यम है; इससे पहले 20 जिलों में ऐसे 10 आयोजन संपन्न हो चुके हैं। सरकार ने गेहूं उपार्जन में 104 लाख मीट्रिक टन का रिकॉर्ड बनाते हुए बोनस का भुगतान किया है। सोयाबीन के सफल अनुभव के बाद अब सरसों और धान फसलों को भी भावांतर योजना में शामिल किया गया है। साथ ही कोदो-कुटकी (श्रीअन्न) की एमएसपी पर खरीदी कर बोनस वितरण किया गया है। किसानों की मांग पर मूंग उपार्जन की सीमा को 25% से बढ़ाकर 60% कर दिया गया है।

किसानों के वित्तीय चक्र को सुगम बनाते हुए राज्य सरकार ने खातों के निपटान की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब 31 मार्च की बाध्यता और छमाही चक्र की व्यवस्था खत्म कर दी गई है, जिससे किसान अपनी सुविधानुसार साल में कभी भी राशि जमा कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, कृषि में विविधता लाने के उद्देश्य से पशुपालन और मत्स्य पालन पर बल दिया जा रहा है, ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो सके। दुग्ध उत्पादन में 20 प्रतिशत वृद्धि के लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्य भर में नई दुग्ध समितियों का गठन किया जा रहा है।

नर्मदापुरम क्षेत्र में उद्यानिकी फसलों की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि संतरा, आम, केला, अमरूद, नींबू और अनार के बागानों तथा नर्सरी की स्थापना हेतु अनुदान दिया जा रहा है। पॉलीहाउस व शेडनेट तकनीक को बढ़ावा देने के साथ-साथ ‘एक बगिया मां के नाम’ योजना के जरिए महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त किया जा रहा है। खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग) इकाइयां स्थापित करने वाले किसानों को 50 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।

कार्यक्रम के समापन सत्र में डॉ. यादव ने नर्मदापुरम को रेशम नगरी बताते हुए शरबती गेहूं और बासमती चावल की ब्रांडिंग पर बात की। उन्होंने बाबई-मोहासा क्षेत्र के त्वरित औद्योगिक विकास, कटनी में लॉजिस्टिक्स पार्क की स्थापना और पिपरिया-पचमढ़ी क्षेत्र के स्थानीय मुद्दों के समाधान की प्रतिबद्धता दोहराई। इस प्रादेशिक कार्यक्रम में सोहागपुर विधायक विजयपाल सिंह एवं अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

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