शुक्रवार, 7 अगस्त को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का रुख देखने को मिला, जिससे दोनों मुख्य सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 455 अंकों की गिरावट के साथ 78,499 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 65 अंक फिसलकर 24,570 के स्तर पर आ गया।
आज के कारोबारी सत्र के दौरान क्षेत्रवार प्रदर्शन में काफी भिन्नता दर्ज की गई। बाजार पर सबसे अधिक दबाव बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में रही भारी बिकवाली के कारण बना। हालांकि, इसके विपरीत सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और ऑटोमोबाइल क्षेत्रों में लिवाली का माहौल देखने को मिला, जहां निवेशकों ने सबसे ज्यादा खरीदारी की।
वैश्विक रुझानों की बात करें तो एशियाई बाजारों में मिला-जुला और कुछ हद तक सुस्त कारोबार दर्ज किया गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 38 अंक (0.60%) गिरकर 6259 पर आ गया, वहीं जापान का निक्केई सूचकांक 77 अंक (0.12%) फिसलकर 65607 के स्तर पर बंद हुआ। इसके विपरीत, हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 138 अंकों (0.54%) की तेजी दर्ज करते हुए 25668 पर पहुंचने में सफल रहा।
इससे पूर्व बीते कारोबारी सत्र में अमेरिकी बाजारों में भी गिरावट दर्ज की गई थी। डाउ जोन्स 464 अंक (0.85%) की मंदी के साथ 53885 के स्तर पर बंद हुआ। इसी तरह नैस्डैक में 15 अंकों (0.06%) की मामूली कमी आई और यह 26348 पर बंद हुआ, जबकि S&P 500 इंडेक्स 14 अंक (0.18%) फिसलकर 7710 पर आ गया।
संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों के अंतर्गत, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FII/FPI) ने बीते 7 दिनों के दौरान भारतीय शेयर बाजार में कुल 2,408 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं। हालांकि, नवीनतम आंकड़ों के अनुसार FII/FPI ने 18 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की है, जबकि बीते 30 दिनों में उनकी कुल शुद्ध बिकवाली 5,874 करोड़ रुपये रही है।
दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) बाजार में लगातार खरीदारी करते नजर आ रहे हैं। नवीनतम सत्र में DII ने 4,014 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया है। बीते 7 दिनों की अवधि में DII द्वारा 7,532 करोड़ रुपये तथा पिछले 30 दिनों में कुल 35,443 करोड़ रुपये की बड़ी खरीदारी दर्ज की गई है।