मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित रवीन्द्र भवन में ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की तीसरी बैठक के अवसर पर आयोजित ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव का केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने औपचारिक उद्घाटन किया। इस वैश्विक आयोजन को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि ब्रिक्स राष्ट्र केवल राजनीतिक या आर्थिक हितों के गठबंधन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे साझा सांस्कृतिक मूल्यों, शांति, पारस्परिक आदर और समावेशी प्रगति की गहरी चेतना से परस्पर जुड़े हुए हैं।
अपने संबोधन के दौरान केंद्रीय मंत्री ने मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक समृद्धि की सराहना करते हुए कहा कि यह भू-भाग सदियों से विभिन्न सभ्यताओं, विचारों, धार्मिक निष्ठाओं और कलात्मक विधाओं का मिलन केंद्र रहा है। उन्होंने भीमबेटका के प्राचीन शैलचित्रों, सांची की शांतिपरक परंपरा, खजुराहो की स्थापत्य कला और स्थानीय जनजातीय समुदायों की समृद्ध विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रदेश भारत की अविरल सभ्यतागत यात्रा को प्रदर्शित करता है। उन्होंने ‘वसुधैव कुटुंबकम’ तथा ‘अतिथि देवो भव’ के दर्शन पर बल देते हुए कहा कि भारत में आतिथ्य सत्कार कोई सामान्य औपचारिकता न होकर एक उच्च सभ्यतागत निष्ठा है। मंत्री शेखावत ने रेखांकित किया कि भले ही ब्रिक्स देशों की भाषाएं और इतिहास भिन्न हों, लेकिन कला और संगीत आत्मा की सार्वभौमिक भाषा हैं जो विश्व को एकता और आशा के सूत्र में पिरोती हैं।
सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की सर्वकल्याणकारी प्रार्थना से हुआ। लगभग 32 मिनट के विशेष संगीत सत्र में ‘भारतीय संगीत के रंग’ के तहत हिंदुस्तानी और कर्नाटक संगीत की शास्त्रीय धाराओं का अद्भुत समन्वय देखा गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘ब्रिक्स पीस सॉन्ग’ रहा, जिसमें ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और बेलारूस के कलाकारों ने अपनी सांगीतिक परंपराओं के माध्यम से वैश्विक शांति का संदेश दिया। इस दौरान भारतीय गान-वृंद ने प्रत्येक सहभागी राष्ट्र की भाषा में ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ का गायन कर वैश्विक सद्भाव की भावना को मजबूती दी।
महोत्सव में मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग की ओर से प्रस्तुत 35 मिनट की नृत्य-नाटिका ‘अमृतस्य मध्यप्रदेश’ विशेष आकर्षण का केंद्र रही। सुप्रसिद्ध कोरियोग्राफर मैत्रेयी पहाड़ी के निर्देशन और अनूप ‘बंटी’ जोशी के प्रकाश संयोजन में तैयार इस प्रस्तुति में प्रदेश की प्राकृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक धरोहरों का जीवंत प्रदर्शन किया गया। इसमें यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों, भगवान श्रीराम व श्रीकृष्ण से जुड़े प्रसंगों, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, राजा भोज, भोपाल, मां नर्मदा तथा आगामी सिंहस्थ-2028 की सांस्कृतिक विरासत का प्रभावी मंचन हुआ।
इस भव्य मंचन में 125 से अधिक कलाकारों ने भाग लिया, जिसमें कथक, भरतनाट्यम, मोहिनीअट्टम, मणिपुरी और समकालीन नृत्य के साथ-साथ राज्य की गोंड, बैगा, गुदुमबाजा, मटकी, बधाई और बरेदी जैसी 12 प्रमुख नृत्य विधाओं का सुंदर समावेश था। इसके साथ ही, फैशन डिजाइनर मुमताज खान के निर्देशन में ‘चदरिया झीनी रे झीनी’ गीत के पार्श्व में प्रदेश के पारंपरिक वस्त्रों का प्रदर्शन किया गया, जिसमें 150 फीट लंबे विशेष लहंगे का प्रदर्शन दर्शनीय रहा।
‘क्रेसेंडो ऑफ यूनिटी’ और ‘पीस टू ऑल, हार्मनी टू ऑल’ की सामूहिक प्रस्तुति के साथ संपन्न हुए ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव-2026 ने कला के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय सहयोग, सांस्कृतिक कूटनीति और ‘विविधता में एकता’ के भारतीय विचार को वैश्विक मंच पर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।