उज्जैन में ‘हैण्डलूम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ का शुभारंभ: महिलाओं को मिलेगा 6 माह का प्रशिक्षण, महीने में 15 से 20 हजार तक की होगी कमाई

उज्जैन में ‘हैण्डलूम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ का शुभारंभ: महिलाओं को मिलेगा 6 माह का प्रशिक्षण, महीने में 15 से 20 हजार तक की होगी कमाई

राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस के अवसर पर शुक्रवार को इंदौर रोड स्थित बाबा साहब नातू सामुदायिक भवन में कौशल एवं तकनीकी विकास योजना के तहत ‘हैण्डलूम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्य अतिथि के रूप में इस केंद्र का उद्घाटन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुसार पारंपरिक कला को सहेजने और स्थानीय महिलाओं व बुनकरों को सशक्त बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस पहल के जरिए उज्जैन में एक बार फिर सूती (कॉटन) और अन्य वस्त्रों के निर्माण का कार्य शुरू किया जा रहा है। इस केंद्र के माध्यम से महिलाओं को घर पर ही चरखा चलाकर स्वावलंबी बनने का अवसर मिलेगा, जिससे वे प्रति माह 15,000 से 20,000 रुपये तक की आय अर्जित कर सकेंगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हथकरघा के नियमित संचालन से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इसके साथ ही भविष्य में सूत के अलावा रेशम उत्पादन की भी योजना बनाई जा रही है।

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्र में मौजूद महिलाओं से संवाद किया और हथकरघा उद्योग की बारीकियों को समझा। उन्होंने स्वयं चरखा चलाकर महिलाओं का उत्साहवर्धन भी किया। केंद्र की व्यवस्था पर निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इस भवन के प्रथम तल पर लगातार प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएं, जबकि भूतल पर तैयार उत्पादों की बिक्री के लिए एक शो-रूम बनाया जाए। उल्लेखनीय है कि इस केंद्र में महिलाओं को लगभग 6 माह का बुनियादी प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें उन्हें कपड़ा बुनाई और लूम संचालन की तकनीकों में निपुण बनाया जाएगा।

प्रदेश की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के अधीन संचालित ‘मृगनयनी’ ने देश का पहला सार्वजनिक उपक्रम (पीएसयू) स्वामित्व वाला ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) केंद्रित डिजिटल प्लेटफॉर्म बनकर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। यह व्यवस्था राज्य के बुनकरों और शिल्पकारों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में खादी ग्रामोद्योग के मुनाफे में बीते 12 वर्षों के दौरान 200 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त, धार में शिलान्यास किया गया ‘पीएम मित्रा पार्क’ देश का सबसे बड़ा औद्योगिक पार्क बनेगा।

कार्यक्रम की शुरुआत में अपर मुख्य सचिव (कुटीर एवं ग्रामोद्योग) के.सी. गुप्ता ने स्वागत भाषण देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप खादी और हाथकरघा को बढ़ावा देने के लिए यह केंद्र शुरू किया गया है, जिसका विस्तार पूरे प्रदेश में किया जाएगा। क्षेत्रीय सांसद अनिल फिरोजिया ने इस सौगात के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेंगी। इस अवसर पर उज्जैन के महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति कलावती यादव, बड़नगर विधायक जितेंद्र पंड्या, उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रवि सोलंकी, पूर्व अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, संजय अग्रवाल, राजेंद्र भारती, हाथकरघा निगम आयुक्त मदन कुमार, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्रेयांस कूमट सहित कई गणमान्य नागरिक और अधिकारी उपस्थित रहे।

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