सात राज्यों में मूसलाधार बारिश का प्रकोप: जलभराव और बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त
देश के सात राज्यों में सोमवार को मानसून की तेज बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में नदियां और बांध उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संबंधित राज्य सरकारों और मौसम विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर प्रशासनिक टीमों को सतर्क कर दिया है।
मध्य प्रदेश के भोपाल, उज्जैन, रायसेन और हरदा समेत कई अंचलों में सोमवार को भारी बारिश दर्ज की गई। उफान पर बह रही नर्मदा नदी के बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए जोहिला बांध के 5 गेट खोलने पड़े हैं। राजधानी भोपाल में रात भर से जारी बारिश के बीच मौसम केंद्र ने आज राज्य के 21 जिलों में भारी वर्षा की संभावना जताई है।
पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के मुंगेली स्थित पसरहा पारा गांव में बाढ़ के पानी में फंसे करीब 200 ग्रामीणों को 24 घंटे बाद राहत मिली। एसडीआरएफ की टीम ने नावों के माध्यम से 10 घंटे लंबा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सभी ग्रामीणों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविर में स्थानांतरित किया।
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद और बिजनौर जिलों के 40 गांवों में बाढ़ का पानी घुस जाने से बेघर हुए लोग सड़कों पर अस्थायी टेंट बनाकर रहने को विवश हैं। राज्य की गंगा, यमुना, सरयू और शारदा समेत 10 से अधिक नदियां खतरे के निशान के करीब पहुंच चुकी हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट दिया है, जिनमें ललितपुर और महोबा में अत्यंत भारी बारिश का अंदेशा जताया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी इलाकों में आज से तेज बारिश का दौर शुरू होने की उम्मीद है, जिसके चलते 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। हरियाणा में 13 अगस्त तक बारिश की संभावना जताई गई है, जिसमें 10, 11 और 13 अगस्त को छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
उधर, उत्तराखंड के समस्त जिलों में देर रात से हो रही बारिश के बीच 4 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बिहार में भी मानसून की निरंतर सक्रियता बनी हुई है, जहां 12 जिलों में यलो अलर्ट के साथ 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और वर्षा होने का पूर्वानुमान है।