खंडवा और सतना में एमपी पुलिस की डायल-112 टीम ने बचाई दो जिंदगियां: एक ओर टला हादसा, दूसरी ओर मासूम को मिला जीवनदान

खंडवा और सतना में एमपी पुलिस की डायल-112 टीम ने बचाई दो जिंदगियां: एक ओर टला हादसा, दूसरी ओर मासूम को मिला जीवनदान

मध्य प्रदेश पुलिस की आपातकालीन डायल-112 हेल्पलाइन सेवा ने राज्य के दो अलग-अलग जिलों, खंडवा और सतना में दो महत्वपूर्ण जीवन रक्षक अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। पुलिसकर्मियों ने अपनी कार्यकुशलता, त्वरित निर्णय क्षमता और मानवीय मूल्यों का परिचय देते हुए एक व्यक्ति को मानसिक तनाव में आत्मघाती कदम उठाने से रोक लिया, जबकि सतना में एक नवजात शिशु को लावारिस स्थिति से निकालकर उसे तुरंत डॉक्टरी सहायता उपलब्ध कराई।

खंडवा जिले के आशापुर क्षेत्र (हरसूद थाना) में डायल-112 की टीम एक ड्यूटी से वापस आ रही थी, तभी उन्हें छनेरा रेलवे ओवरब्रिज के पास पटरियों पर एक युवक के जान देने के इरादे से बैठे होने का संदेश मिला। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आरक्षक रघुवीर जाटव और गाड़ी के पायलट फरीद बिना देर किए घटनास्थल की ओर रवाना हुए। उन्होंने देखा कि युवक फोन पर वीडियो कॉल करते हुए आत्महत्या करने की बात कह रहा था।

आरक्षक जाटव ने अत्यधिक सूझबूझ और शांति के साथ उस युवक से संवाद स्थापित किया। काफी देर तक की गई काउंसलिंग और समझाइश के बाद युवक का गुस्सा और मानसिक दबाव शांत हुआ और वह पटरी से हटने को तैयार हो गया। पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि घरेलू कलह और पारिवारिक विवादों से तंग आकर उसने यह खौफनाक कदम उठाने का फैसला किया था।

एक अन्य घटनाक्रम में सतना के चित्रकूट थाना क्षेत्र अंतर्गत अक्षयबट तिराहे पर 11 अगस्त को राहगीरों को झाड़ियों में से एक शिशु के बिलखने की आवाज सुनाई दी। जब ग्रामीणों ने पास जाकर देखा तो वहां एक नवजात लावारिस पड़ा हुआ था, जिसे कोई छोड़कर चला गया था। सूचना मिलते ही डायल-112 में तैनात एएसआई योगेन्द्र मिश्रा, आरक्षक अजय देवरे तथा ड्राइवर बीरेन्द्र कुमार पाल ने वरिष्ठ अधिकारियों को खबर दी और बच्चे को अपनी गाड़ी से नजदीकी मझगवां शासकीय अस्पताल ले गए।

अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा शुरुआती जांच व उपचार के बाद नवजात शिशु को विशेषज्ञ देखभाल के लिए सतना के जिला अस्पताल स्थानांतरित कर दिया गया, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस कर्मियों के इस त्वरित प्रयास की स्थानीय जनता द्वारा काफी सराहना की जा रही है।

मध्य प्रदेश पुलिस का डायल-112 नेटवर्क संकटग्रस्त परिस्थितियों में आम जनता के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो रहा है। इसका प्राथमिक उद्देश्य आपात स्थिति में न्यूनतम समय के भीतर घटनास्थल पर पहुंचकर त्वरित सहायता देना है। चाहे किसी हताश व्यक्ति को सहानुभूतिपूर्वक समझाकर बचाना हो या किसी असहाय बच्चे को तत्काल चिकित्सा सुरक्षा प्रदान करना हो, डायल-112 के जवान हर चुनौती का सामना निष्ठा और तत्परता के साथ कर रहे हैं।

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