केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 12 अगस्त 2026 को लोकसभा में जानकारी दी कि देश में युवाओं को आधुनिक तकनीकों में दक्ष बनाने के लिए शुरू किए गए ‘फ्यूचरस्किल्स प्राइम’ पोर्टल पर अब तक 34 लाख से अधिक पंजीकरण दर्ज किए जा चुके हैं। इस पहल के माध्यम से 23 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने विभिन्न तकनीकी विषयों में प्रशिक्षण प्राप्त किया है, जबकि 13 लाख से अधिक अभ्यर्थी अपना पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा कर प्रमाणपत्र ले चुके हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा नैस्कॉम (NASSCOM) के सहयोग से संचालित इस योजना का प्रमुख उद्देश्य युवाओं और कामकाजी पेशेवरों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सुरक्षा, बिग डेटा एनालिटिक्स, क्लाउड कंप्यूटिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), ब्लॉकचेन, सेमीकंडक्टर और एआर/वीआर जैसी उभरती तकनीकों में री-स्किलिंग और अप-स्किलिंग की सुविधा देना है। पोर्टल पर वर्तमान में उद्योग की वास्तविक मांग के अनुरूप तैयार किए गए 500 से अधिक पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं, जिन्हें अभ्यर्थी अपनी सुविधानुसार ऑनलाइन पूरा कर सकते हैं।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की पहुंच गैर-महानगरीय क्षेत्रों में काफी व्यापक रही है। आंकड़ों के अनुसार, कुल पंजीकृत उम्मीदवारों में 41 प्रतिशत महिलाएं हैं, जबकि 86 प्रतिशत से अधिक लाभार्थी टियर-2 और टियर-3 शहरों से आते हैं। देश भर में स्थापित 22 सी-डैक (C-DAC) और नाइलिट (NIELIT) केंद्रों को लीड व को-लीड रिसोर्स सेंटर बनाया गया है। इनके माध्यम से 32,700 से अधिक सरकारी अधिकारियों, 2,367 प्रशिक्षकों तथा 40,400 से ज्यादा उम्मीदवारों को प्रशिक्षित किया गया है और 420 से अधिक बूटकैंप आयोजित किए गए हैं।
राज्यों की सहभागिता के मामले में तमिलनाडु शीर्ष पर रहा, जहां 5,89,429 उम्मीदवारों ने नामांकन व प्रशिक्षण लिया और 3,61,336 ने प्रमाणपत्र प्राप्त किया। इसके बाद आंध्र प्रदेश में 4,34,489 एनरोलमेंट और 2,44,096 सर्टिफिकेशन दर्ज किए गए। वहीं, महाराष्ट्र में 2,23,044, कर्नाटक में 2,10,043 तथा उत्तर प्रदेश में 1,24,752 उम्मीदवारों ने प्रशिक्षण लिया, जिनमें से यूपी के 72,892 अभ्यर्थी प्रमाणित हुए। पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों में भी इस कार्यक्रम के तहत 33,000 से अधिक उम्मीदवार जुड़े और 16,000 से ज्यादा ने प्रमाणपत्र हासिल किया; अकेले सिक्किम से 700 से अधिक प्रतिभागी शामिल रहे।
डिजिटल प्रतिभा को बढ़ावा देने के लिए ‘इंडिया-एआई मिशन’ के अंतर्गत टियर-2 और टियर-3 शहरों में नाइलिट केंद्रों के जरिए 27 ‘इंडिया-एआई डेटा एंड एआई लैब्स’ की स्थापना की गई है, जिनमें से 10 पूर्वोत्तर और 5 हिमालयी क्षेत्र में हैं। नाइलिट ने अपने 56 केंद्रों और 9,000 से अधिक साझेदार संस्थानों के नेटवर्क से पिछले तीन वर्षों में 31 लाख से अधिक लोगों को प्रशिक्षित किया है, जिसमें पूर्वोत्तर के 3.05 लाख (सिक्किम के 20,000 से अधिक) उम्मीदवार शामिल हैं।
केंद्रीय क्षेत्र की इस योजना में बजट आवंटन में भी निरंतर वृद्धि की गई है। वर्ष 2022-23 में 26.59 करोड़ रुपये आवंटित (25.72 करोड़ रुपये खर्च), 2023-24 में 23.58 करोड़ रुपये आवंटित (23.55 करोड़ रुपये खर्च), 2024-25 में 55.97 करोड़ रुपये आवंटित (51.94 करोड़ रुपये खर्च), 2025-26 में 98.479 करोड़ रुपये आवंटित (80.81 करोड़ रुपये खर्च) किए गए, जबकि वर्ष 2026-27 के लिए 137.17 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का मुख्य ध्येय नई तकनीकों में दक्षता बढ़ाकर देश में भविष्य के अनुकूल डिजिटल कार्यबल का निर्माण करना है।