रायसेन के बासमती चावल की 47 देशों में मांग, मुख्यमंत्री ने बलराम कृषि महोत्सव में की किसानों की सराहना

रायसेन के बासमती चावल की 47 देशों में मांग, मुख्यमंत्री ने बलराम कृषि महोत्सव में की किसानों की सराहना

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास स्थित ‘समत्व भवन’ से रायसेन में आयोजित ‘बलराम कृषि महोत्सव’ को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि रायसेन के किसानों के परिश्रम का लोहा अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी माना जा रहा है। जिले में उत्पादित बासमती चावल की मांग आज विश्व के 47 देशों में पहुंच चुकी है, जिसके तहत पिछले वर्ष करीब 1,800 करोड़ रुपये के बासमती का निर्यात दर्ज किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रायसेन की पहचान अब सांची, भीमबेटका और भोजपुर जैसे ऐतिहासिक स्थलों के अलावा बासमती चावल और गेहूं के विशिष्ट स्वाद के रूप में भी हो रही है। उन्होंने इस बात पर भी संतोष जताया कि जिले के अन्नदाता अब परंपरागत खेती के दायरे से बाहर निकलकर व्यापक स्तर पर फल और सब्जियों के उत्पादन की ओर अग्रसर हो रहे हैं। इस वर्चुअल कार्यक्रम में पूर्व मंत्री सुरेन्द्र पटवा तथा अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई भी मौजूद रहे।

डॉ. यादव ने कहा कि सरकार के लिए किसानों के खेत किसी देवस्थल से कम नहीं हैं और उनकी उपज का एक-एक दाना प्रसाद स्वरूप है। उन्होंने बताया कि आगामी समय में केन-बेतवा लिंक परियोजना के माध्यम से जिले के सिंचित क्षेत्र में व्यापक वृद्धि होगी। सरकार बीज से लेकर बाजार तक हर कदम पर किसानों के साथ खड़ी है। राज्य में शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर फसली ऋण की सुविधा जारी रहेगी और ऋण भुगतान के लिए एक वर्ष की समयावधि मिलेगी। साथ ही सहकारी समितियों के खातों में पूर्व में हुई विसंगतियों को सुधारकर हजारों किसानों को योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। मूंग और उड़द की खरीदी का कार्य जारी है, जबकि समर्थन मूल्य एवं बोनस के साथ रिकॉर्ड 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है।

कृषि क्षेत्र में मूल्य संवर्धन की दिशा में प्रयासों को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषकों को खाद्य प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और बेहतर विपणन व्यवस्था से सीधे जोड़ा जा रहा है। इसके लिए फूड पार्क, कोल्ड चेन और आवश्यक अवसंरचनाओं का विकास किया जा रहा है ताकि उपज का बेहतर मूल्य मिल सके। इसके अतिरिक्त, प्रदेश में दुग्ध उत्पादन की हिस्सेदारी को 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य तय किया गया है और प्रत्येक जिले में आधुनिक मत्स्य हैचरी स्थापित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने किसानों से अपनी कृषि भूमि को न बेचने का आग्रह किया और बताया कि भोपाल के समीपवर्ती क्षेत्रों में बन रहे नए सड़क नेटवर्क का सीधा लाभ रायसेन जिले को प्राप्त होगा। उन्होंने किसानों को बलराम कृषि महोत्सव की गतिविधियों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया तथा हरियाली तीज, स्वतंत्रता दिवस, रक्षाबंधन और जन्माष्टमी पर्व की शुभकामनाएं दीं। रायसेन में आयोजित स्थानीय कार्यक्रम में राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, पूर्व मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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