शनिवार को स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर ऐतिहासिक लाल किले से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षा, तकनीक, खेल और रक्षा के क्षेत्र में छह महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पहलों का ऐलान किया।
युवा सशक्तिकरण के तहत प्रधानमंत्री ने बताया कि आने वाले एक साल में देश के 1 करोड़ युवाओं को एआई स्किल्स सिखाई जाएंगी, ताकि वे इस तकनीक में दुनिया का मार्गदर्शन करने में सक्षम बन सकें। कोचिंग के नाम पर परिवारों पर बढ़ते वित्तीय दबाव पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए छात्रों को पूरी तरह मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए राष्ट्रीय डिजिटल बुनियादी ढांचे और शीर्ष शिक्षकों की मदद से एक विस्तृत नेटवर्क विकसित किया जा रहा है।
सुरक्षा के मोर्चे पर उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक चुनौतियों और युद्ध के बदलते स्वरूप को देखते हुए एक सुदृढ़ सिविल डिफेंस ढांचा खड़ा किया जाएगा, जो आम नागरिकों को आपातकालीन व्यवस्थाओं से परिचित कराएगा। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों में भारत की उपस्थिति और प्रदर्शन का दायरा बढ़ाने के लिए 5 से 15 आयु वर्ग के बच्चों में नई प्रतिभाओं को तलाशने के उद्देश्य से टैलेंट हंट कार्यक्रम संचालित किया जाएगा।
तकनीक और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का खाका खींचते हुए प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि आधुनिक उपकरणों के लिए आवश्यक सेमीकंडक्टर उत्पादन में देश आगे बढ़ चुका है। वर्तमान के तीन संयंत्रों से निर्यात शुरू होने के बाद अगले 7-8 वर्षों में 5 से 8 नए प्लांट स्थापित होंगे। वहीं, संसद से ‘पीस एक्ट’ पास होने के बाद 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित है, जिसके अंतर्गत इसी दशक में 5 नए रिएक्टर शुरू होंगे। उन्होंने फास्ट ब्रीडर तकनीक की सफलता को परमाणु ईंधन के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि करार दिया।